स्वारगेट, 26 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल के दौरान ‘वाइब्रेंट गुजरात’ की श्रृंखला के माध्यम से गुजरात में विकास की गंगा बहाई. गुजरात में उन्होंने एक से बढ़कर एक विकास की गौरवगाथाएं रची हैं. मातृभाषा और मातृभूमि पर गर्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देश के साथ-साथ गुजरात में भी विकास की एक नई गाथा लिखी है. ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर आधारित केंद्र की सरकार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास प्रारुप को राष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध करके दिखाया है, ऐसे विचार गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने रखे. वे ‘द पूना गुजराती केलवणी मंडल’ के शताब्दी समापन समारोह में रविवार (26 जुलाई) को मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. स्वारगेट स्थित गणेश कला क्रीडा रंगमंच पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर महापौर मंजूषा नागपुरे, द पूना गुजराथी केलवणी मंडल के चेयरमैन डॉ. राजेश शाह, वाइसचेयरमैन चेयरमैन जनक शाह, सेक्रेटरी हेमंत मणियार, ट्रस्टी जितेंद्र मेहता, किरीट शाह, ज्वा. सेक्रेटरी विनोद डेडिया, संदीप शाह, दिलीप जागड, प्रमोद शाह, ट्रेजरर महेश धारोड और ट्रस्टी कीर्तिभाई शाह उपस्थित थे. कार्यक्रम में आषाढ़ी एकादशी के उपलक्ष्य में विठ्ठल-रुक्मिणी की अलंकारिक मूर्ति और पुणेरी पगड़ी भूपेंद्रभाई पटेल को प्रदान कर उनका अनोखे तरीके से स्वागत किया गया. ‘द पूना गुजराती केलवणी मंडल’ की शैक्षणिक यात्रा पर आधारित ‘शताब्दी गौरव गाथा’ पुस्तक का विमोचन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया. साथ ही इस अवसर पर ‘द पूना गुजराती केल वणी मंडल’ की शैक्षणिक एवं गौरवशाली यात्रा पर आधारित एक डोक्यूमेंटरी भी दिखाई गई. महापौर मंजूषा नागपुरे ने कहा कि पुणे में बसा गुजराती समाज शैक्षणिक प्रगति के नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है. केवल व्यापारी माने जाने वाले गुजराती समाज में आज महिलाएं भी उच्च शिक्षित हैं, यह गर्व की बात है. ज्ञान, संस्कार और सेवा की त्रिसूत्री पर चलने वाला दि पूना गुजराथी केलवणी मंडल’ पुणे शहर का मानबिंदु है. कार्यक्रम में द पूना गुजराती केलवणी मंडल के ट्रस्टी, नियामक बोर्ड के सदस्य, पदाधिकारी, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. राजेश शाह ने रखी. मंच संचालन अनुजा सेलोत ने किया. राजश्री पवार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. जनक शाह ने आभार व्यक्त किया.
घुल-मिल जाना गुजराती समाज की बड़ी विशेषता
मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने कहा कि गुजराती समाज जहां भी जाता है, वहां पूरी तरह घुल-मिल जाता है - यह गुजराती समाज की प्रमुख विशेषता है. महाराष्ट्र में बसा हुआ गुजराती समाज महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे रहा है, और कोरोना जैसे कठिन समय में भी महाराष्ट्र के गुजराती समाज ने समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया.