मुंबई, 27 जुलाई (वि.प्र.) महाराष्ट्र लाेक सेवा आयाेग (एमपीएससी) द्वारा आयाेजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला एक नया माेड़ ले चुका है. 22 मार्च काे हुई इस परीक्षा और 22 जुलाई काे अंतिम चयन सूची जारी हाेने के बाद, एक गुमनाम ईमेल के जरिए प्रश्न पत्र लीक हाेने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. हालांकि, अब खबर सामने आ रही है कि शिकायतकर्ता ने एक नया ईमेल भेजकर अपनी शिकायत काे झूठा और मनगढ़ंत बताया है. शिकायतकर्ता के इस यू-टर्न पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक राेहित पवार ने कड़ा ऐतराज जताया है.
उन्हाेंने आराेप लगाया है कि छात्र पर भारी दबाव बनाकर या डरा-धमकाकर नाम वापसी का पत्र लिखवाया गया है. राेहित पवार ने एक्स पर पाेस्ट करते हुए आयाेग की भूमिका पर भी सवाल उठाए्. उन्हाेंने पूछा कि अगर शिकायत सिर्फ एक मजाक थी, ताे आयाेग ने इसकी जांच क्याें शुरू की? इसके अलावा, उन्हाेंने वायरल हाे रहे पत्र में नाम, हस्ताक्षर और तिथियाें में कई विसंगतियाें की ओर इशारा किया.
महाराष्ट्र में पेपर लीक का काला अध्याय शीर्षक से एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में पवार ने कथित पेपर लीक, व्हाट्सएप पर माैजूद सबूताें और एमपीएससी के उच्च अधिकारियाें के कामकाज के तरीकाें पर गंभीर आराेप लगाए हैं.
उन्हाेंने राज्य सरकार काे चेतावनी भी दी है कि अगर इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई ताे वे अगले 10 दिनाें में सड़काें पर उतरकर कड़ा विराेध प्रदर्शन करेंगे. दूसरी ओर, एमपीएससी ने इस मामले में जांच जारी रखी है और संदिग्धाें से प्रत्यक्ष पूछताछ कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सूत्राें का कहना है कि आयाेग की अंतिम जांच रिपाेर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हाे पाएगा कि वास्तव में पेपर लीक हुआ था या केवल फर्जी शिकायत के जरिए आयाेग काे गुमराह करने की काेशिश की गई थी. फिलहाल, राेहित पवार ने सबूताें के आधार पर निष्पक्ष सीआईडी जांच की मांग दाेहराई है. सरकार छात्राें के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है - हर्षवर्धन सपकाल