शिवाजीनगर, 27 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करते हुए, सिम्बायोसिस सेकंडरी स्कूल (पुणे) के आठ विद्यार्थियों और दो शिक्षकों ने जर्मनी के लोवेनरोट जिम्नेजियम (L5wenrot Gymnasium) के साथ एक छात्र विनिमय कार्यक्रम (स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम) में भाग लिया. जर्मन मेजबान परिवारों के साथ अपने प्रवास के दौरान, छात्रों ने कक्षाओं में भाग लिया, अपने जर्मन सहपाठियों और शिक्षकों के साथ बातचीत की और जर्मनी की शिक्षा प्रणाली, अनुशासन और संस्कृति का अनुभव किया.उनकी यात्रा योजना में क्लाइमा एरिना, हीडलबर्ग किला, साल्ट माइन (नमक की खदान), बॉडी म्यूजियम, सिंसहाइम म्यूजियम के शैक्षणिक दौरे और एस्सिटी (Essity) फैक्ट्री की एक औद्योगिक यात्रा शामिल थी, जहां उन्होंने टिकाऊ निर्माण प्रथाओं के बारे में सीखा. बताया गया कि, छात्रों ने 5 किलोमीटर की चैरिटी रन, सांस्कृतिक गतिविधियों और हीडलबर्ग, स्पायर व स्ट्रासबर्ग (फ्रांस) में दर्शनीय स्थलों की यात्रा में भी भाग लिया. इससे उन्हें बहुमूल्य अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्राप्त हुआ और उनके संचार, टीम वर्क व अंतर-सांस्कृतिक कौशल का विकास हुआ. यह दौरा एक सफल विनिमय कार्यक्रम के बाद हुआ, जिसके तहत लोवेनरॉट जिम्नेजियम (L5wenrot Gymnasium) के सात छात्रों ने सिम्बायोसिस सेकंडरी स्कूल (पुणे) का दौरा किया था. इस दौरान वे भारतीय मेजबान परिवारों के साथ रहे और उन्होंने भारत की शैक्षणिक पद्धतियों, संस्कृति, योग, परंपराओं और त्यौहारों का अनुभव किया. इस परस्पर विनिमय ने दोनों संस्थानों के बीच की मित्रता को और अधिक मजबूत किया है, साथ ही वैेिशक नागरिकता को बढ़ावा दिया है और सिम्बायोसिस के वसुधैव कुटुम्बकम संपूर्ण वेिश एक परिवार है, इस दर्शन को सुदृढ़ किया है.