महिलायें नई तकनीकों से स्वयं को सक्षम बनाएं

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी में यशोदा एआई 2.0 कार्यक्रम संपन्न

    28-Jul-2026
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कोंढवा, 27 जुलाई (आ.प्र.)

 महिलाओं को केवल तकनीक का उपयोग करने वाला नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल परिवर्तन में सक्रिय योगदान देने वाली बनना चाहिए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान आज के समय में एक आवश्यक जीवन कौशल बन चुका है और महिलाओं को नई तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए स्वयं को सक्षम बनाना चाहिए, ऐसे विचार राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने रखे. वे राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी में आयोजित यशोदा एआई 2.0 कार्यक्रम में बोल रही थीं. यूनिवर्सिटी के कोंढवा कैम्पस में शुक्रवार (24 जुलाई) को आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों तथा सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधी सम्मिलित हुए. राष्ट्रीय महिला आयोग के देशव्यापी अभियान के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रभावी भागीदारी के लिए आवश्यक ज्ञान और आत्मवेिशास प्रदान करना तथा ‌‘विकसित भारत‌’ के संकल्प को सशक्त बनाना है. बताया गया कि यशोदा एआई 2.0 कार्यक्रम का आयोजन कर वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी ने नवाचार, ज्ञान-विनिमय और समाजोन्मुखी गतिविधियों के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ किया है. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से वेिशविद्यालय भविष्य के अनुरूप कौशल विकसित कर विद्यार्थियों और समाज को सशक्त बनाने के साथ-साथ समावेशी, डिजिटल रूप से सक्षम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से परिचित भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है.वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. वासुदेव गाड़े ने कहा, महिला सशक्तिकरण के लिए हम वेिशविद्यालय के रूप में प्रतिबद्ध हैं. हमारी यूनिवर्सिटी में 63 प्रतिशत महिला संकाय सदस्य हैं और नौ में से पांच शैक्षणिक संकायों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. स्वयं सहायता समूहों को विपणन, प्रचार तथा उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु हम राष्ट्रीय महिला आयोग और जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने के इच्छुक हैं. कार्यक्रम के दौरान महावीर फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने एक तकनीकी सत्र का आयोजन किया. इस सत्र में महिलाओं को डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन बाजारों का लाभ उठाने तथा उद्यम विस्तार के लिए आवश्यक डिजिटल कौशल के बारे में मार्गदर्शन दिया गया.इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग के उपनिदेशक रामावतार सिंह, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला परिषद, पुणे के परियोजना निदेशक श्रीकांत खरात, तथा वेिशकर्मा यूनिवर्सिटी के आंतरिक गुणवत्ता ओशासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. डॉ. ललित वाधवा प्रमुख रूप से उपस्थित थे.