मुंबई, 28 जुलाई (वि.प्र.) नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हाेने के विराेध में काॅकराेज जनता पार्टी और देशभर के छात्राें द्वारा किए गए तीव्र आंदाेलन के बाद शिक्षा मंत्री काे इस्तीफा देना पड़ा. इस आंदाेलन के दाैरान पुलिस ने महाराष्ट्र समेत देशभर के कई स्थानाें पर छात्राें के खिलाफ कार्रवाई की और मामले दर्ज किए्.
हालांकि, दिल्ली में हुए आंदाेलन की तर्ज पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग काे महाराष्ट्र में नीट परीक्षा का विराेध कर रहे छात्राें के खिलाफ दर्ज छाेटे-माेटे मामले वापस लेने का आदेश दिया है. सरकार के इस फैसले से राज्य के हजाराें छात्राें काे बड़ी राहत मिली है.
इससे अब उनके शैक्षणिक और भावी करियर पर काेई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हाेने के विराेध में राज्य भर में तेज हाे चुके प्रदर्शनाें पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक पूरे महाराष्ट्र के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई पुलिस कार्रवाई का मुख्य केंद्र बन गया है. पिछले 4-5 दिनाें में कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं.
गैरकानूनी सभा और कर्फ्यू के उल्लंघन के आराेप में 900 से अधिक छात्राें और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा, 300 से अधिक प्रदर्शनकारियाें काे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (आईसीएससी) की धारा 35(3) के तहत व्हाट्सएप पर नाेटिस जारी कर पुलिस स्टेशन में पेश हाेने का निर्देश दिया गया है.
पुणे, नागपुर और ठाणे में भी अपराध हुए पुणे के अलका टाॅकीज चाैक और विश्वविद्यालय क्षेत्र में हुए विराेध प्रदर्शनाें के बाद, 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 100 से अधिक प्रदर्शनकारियाें काे नाेटिस जारी किए गए हैं. नागपुर के संविधान चाैक और संवेदनशील इलाकाें में अनधिकृत विराेध प्रदर्शन करने के आराेप में 1 एफआईआर दर्ज की गई है और 30 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
ठाणे के कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले 50 से 70 प्रदर्शनकारियाें के खिलाफ कार्रवाई की गई्. हालांकि, बुलढाणा में छात्राें ने काले रिबन बांधकर माैन मार्च निकाला और शांतिपूर्ण ढंग से अपना संदेश दिया.