18 साल से कम उम्र के छात्राें काे तुरंत रिहा करें : सुप्रीम काेर्ट

दिल्ली, यूपी-बिहार सहित देशभर में आंदाेलन में शामिल छात्राें काे लेकर सभी राज्याें काे कड़े निर्देश

    29-Jul-2026
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Supreme Court
 
नई दिल्ली, 28 जुलाई (वि.प्र./वार्ता) 18 साल से कम उम्र के छात्राें काे तुरंत रिहा करें. यह आदेश सुप्रीम काेर्ट ने मंगलवार काे दिया. सुनवाई के दाैरान सुप्रीम काेर्ट ने देशभर में आंदाेलन में शामिल छात्राें काे लेकर सभी राज्याें काे निर्देश दिए. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा-बिना आपराधिक रिकाॅर्ड वाले छात्राें काे भी बिना देर किए रिहा किया जाए.
 
उन्हाेंने कहा-छात्राें का आंदाेलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था. बल प्रयाेग करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई जरूरी बताया. छात्राें पर न ताे एफआईआर हाे न ही उनकी गिरफ्तारी की जाए, अधिकारी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखें. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार सुप्रीम काेर्ट में काॅकराेच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र आंदाेलन के दाैरान पुलिस कार्रवाई काे लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई. काेर्ट ने कहा कि छात्राें का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है. काेर्ट ने कहा कि जरूरत से ज्यादा बल प्रयाेग करने वालाें के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हाेगी.
 
साथ ही 18 साल से कम उम्र के उन प्रदर्शनकारियाें काे तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया, जिनका काेई आपराधिक रिकाॅर्ड नहीं है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पहली नजर में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत दिखती है.
 
काेर्ट ने कहा कि पुलिस कार्रवाई काे लेकर पहले दिए गए दिशा-निर्देशाें काे अब अपडेट करने का समय आ गया है. 2018 में बने नियम 2026 में कितने कारगर हैं, इसकी भी समीक्षा हाेनी चाहिए, ताकि प्रदर्शन शुरू हाेते ही पुलिस के तय प्राेटाेकाॅल तुरंत लागू हाे सकें. प्रदर्शन से जुड़े सीसीटीवी, ड्राेन, बाॅडी कैमरा और दूसरे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाएं. दिल्ली समेत 8 राज्याें से जवाब मांगा गया, जिन लाेगाें पर पहले काेई केस नहीं था, उनके खिलाफ फिलहाल काेई सख्त कार्रवाई नहीं हाेगी. सुनवाई के आखिर में साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जुनैद मलिक की याचिका पर बुधवार काे सुनवाई की मांग का विराेध किया. इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि पहले याचिका की सभी तकनीकी कमियां दूर की जाएं. इसी दाैरान एक वकील ने अपनी याचिका भी सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए छात्राें की मदद के दाैरान उन पर भी हमला हुआ था. बेंच ने कहा कि इस मामले पर बुधवार काे सुनवाई हाेगी.