मुंबई, 28 जुलाई (वि.प्र.) पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में मई एवं जून 2026 के लिए नौ रेलकर्मियों को महाप्रबंधक के मैन ऑफ द मंथ संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया. इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जिनके कारण संभावित अप्रिय घटनाओं को टाला जा सका तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित हुआ्. पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों में मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद एवं भावनगर मंडलों के दो-दो तथा वडोदरा, राजकोट एवं रतलाम मंडलों के एक-एक कर्मचारी शामिल ह्ैं. पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल के पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों में से एक ट्रेन मैनेजर सुजीत कुमार को उनकी असाधारण सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया. ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक एक्सप्रेस ट्रेन के वातानुकूलित कोच से धुआं निकलते हुए देखा, जिस पर उन्होंने तत्काल ट्रेन रुकवाई तथा मैकेनिक की सहायता से दोषपूर्ण अल्टरनेटर वी-बेल्ट को हटवाने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया. कुछ ही देर बाद उन्होंने पुनः उसी कोच से धुआं निकलते हुए देखा, जिस पर ट्रेन को एक बार फिर रोका गया तथा शेष दोषपूर्ण वी-बेल्ट को हटाने के बाद ही ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया गया. मुंबई सेंट्रल मंडल के ही एक अन्य कर्मचारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर जगेश एम. के. ने चर्चगेट स्टेशन पर तकनीकी खराबी की घटना के दौरान असाधारण सतर्कता का परिचय दिया. उन्होंने तत्काल कंट्रोल टॉवर को निर्देश देकर उस अगले सिग्नल को, जो दूसरी ट्रेन के लिए सेट हो गया था, पुनः सामान्य कराया, जिससे ट्रेन को परस्पर विरोधी मार्ग पर प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया गया.