इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट वाले क्षेत्रों में जमीन खरीदना फायदेमंद

एयरपोर्ट, रिंग रोड और टाउनशिप से हब तैयार होंगे; कानूनी सलाह और विशेषज्ञों की मदद से दस्तावेजों की जांच जरूरी

    30-Jul-2026
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भवानी पेठ, 29 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

जमीन या रियल एस्टेट में निवेश करना हमेशा से एक सुरक्षित और बेहतरीन रिटर्न देने वाला विकल्प माना जाता है. विशेष रूप से जब किसी क्षेत्र में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के प्रोजेक्ट आकार ले रहे होते हैं, तब वहां की जमीनों में निवेश करना भविष्य में बेहद लाभदायक साबित होता है, ऐसा सुरक्षित और फायदेमंद सौदे का नुस्खा पुणे के सुप्रसिद्ध उद्योगपति तथा संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने बताया है. उन्होंने कहा कि पुणे के आसपास का क्षेत्र बेहद तेजी से विकसित हो रहा है. इससे जमीन की मांग बढ़ रही है तथा और भी बढ़ने वाली है. ऐसी स्थिति में निवेश का आकर्षण सामान्य है लेकिन कानूनी सलाह और विशेषज्ञों की मदद से दस्तावेजों की जांच भी आवश्यक है. विशेषज्ञ बताते हैं कि वर्तमान में पुणे और आसपास के इलाकों में कुछ ऐसा ही बड़ा परिदृश्य देखने को मिल रहा है. पुरंदर क्षेत्र में नये अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे काम चल रहा है, वहीं दूसरी ओर पीएमआरडीए में विकास और रिंग रोड बन रहा है. इन भव्य परियोजनाओं के कारण पुरंदर और रिंग रोड से सटा क्षेत्र भविष्य का एक बड़ा हब बनने जा रहा है. ट्रांसपोर्ट, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और नई टाउनशिप तैयार होने के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र का कायाकल्प तय है. आने वाले समय में यहां की जमीनों की कीमतें आसमान छूने वाली हैं. इसलिए, आज इस क्षेत्र में निवेश के तौर पर जमीन खरीदना और भविष्य में उचित दाम मिलने पर उसे बेचना आर्थिक रूप से बेहद लाभदायक सिद्ध होगा. भवानी पेठ में लगभग 45 सालों से वेिशसनीय फर्म संतोष स्टील्स एवं संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने अपने अनुभव के दम पर बताया कि जमीन में निवेश जितना फायदेमंद दिखता है, उतना ही इसे सावधानीपूर्वक करना भी आवश्यक होता है. थोड़ी सी भी लापरवाही भविष्य में आपको कानूनी पचड़े में फंसा सकती है. इसीलिए, जमीन खरीदते समय कुछ जरुरी बातों की सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. निवेश करने से पहले जमीन के मालिकाना हक का 7/12 (सात-बारा) सबसे महत्वपूर्ण सबूत है. 7/12 (सात-बारा) पर नाम, क्षेत्रफल, जमीन का प्रकार (असिंचित/ सिंचित) और उस पर दर्ज बोझ (कर्ज) की जांच अवश्य करें. साथ ही 7/12 (सात- बारा) पर प्रविष्टियां किस प्रकार हुई हैं (उत्तराधिकार प्रविष्टि, खरीद-बिक्री आदि) यह समझने के लिए पिछले 30 से 40 वर्षों के दाखिला विवरण (फेरफार उतारे) की जांच करनी चाहिए. जमीन के सभी लेनदेन हमेशा चेक या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ही करने चाहिए. सेल डीड का पंजीकरण करवाकर उचित स्टांप शुल्क का भुगतान करना चाहिए.  
 
  जमीन खरीदना एक स्वर्णिम अवसर

 पुरंदर हवाई अड्डे और पीएमआरडीए, रिंग रोड की पृष्ठभूमि में पुणे शहर से सटे क्षेत्र के आसपास जमीन खरीदना एक स्वर्णिम अवसर है. हालांकि, जल्दबाजी में निर्णय न लेते हुए कानूनी सलाहकार और विशेषज्ञों की मदद से दस्तावेजों की सही जांच-पड़ताल करके किया गया निवेश ही भविष्य में सुरक्षित रहेगा और भारी मुनाफा देगा. दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ स्वयं उस प्लॉट के स्थान पर जाकर रास्ते की सुविधा, बिजली, पानी और पड़ोसी जमीन की सीमाओं की जांच कर लेनी चाहिए. -संतोष जैन डायरेक्टर, संतोष ग्रुप
 
निवेश से पहले सजगता से जांच-पड़ताल जरुरी

 सावधानी के तौर पर वकील के माध्यम से जमीन की पिछले कम से कम 30 वर्षों की ‌‘टाइटल सर्च‌’ करा लेनी चाहिए. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि जमीन का मालिकाना हक विवादरहित और कानूनी रूप से सही है या नहीं. भूमि अभिलेख विभाग द्वारा जमीन की सरकारी नापी (क प्रति) हुई होनी चाहिए, ताकि मौके पर वास्तविक सीमाएं (हद्द) और 7/12 पर दर्ज क्षेत्रफल आपस में मेल खाते हैं, इसकी पुष्टि हो सके. जहां निवेश करनेवाले हैं वहां की जमीन कृषि है या गैर-कृषि, मास्टर प्लॉन में वह जमीन किस जोन (आर जोन, ग्रीन जोन या इंडस्ट्रियल) में आती है, इसकी जांच करना आवश्यक है. जमीन पर किसी बैंक का ऋण, अदालती मामला या पारिवारिक विवाद तो नहीं है, इसकी जांच-पड़ताल बेहद जरुरी है.