काॅकराेच जनता पार्टी दाेबारा सड़काें पर उतरेगी. यह प्रतिपादन सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. उन्हाेंने बुधवार काे कहा-सरकार सुप्रीम काेर्ट के आदेश का सहारा लेकर अपने वादे से मुकर रही है. यदि आंदाेलनकारी छात्राें के खिलाफ एफआईआर नहीं रद्द की गई या उन्हें जेलाें से नहीं छाेड़ा गया ताे हम फिर से देशव्यापी आंदाेलन करेंगे.
सरकार ने अभी तक लिखित आश्वासन भी नहीं दिए हैं. हाल ही में जंतर-मंतर पर आंदाेलन कर चुकी काॅकराेच जनता पार्टी ने फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है.
सीजेपी की ओर से यह दाे दिनाें के अंदर दी गई दूसरी चेतावनी है, जिसमें उन्हाेंने प्रचंड प्रदर्शन की बात कही है. पार्टी का कहना है कि अगर सरकार अपने वादाें से मुकरती है और प्रदर्शन में शामिल छात्राें के खिलाफ पुलिसिया एक्शन उठाती है ताे एक बार फिर देश भर में जेन-जी सड़काें पर उतर आएंगे. काॅकराेच जनता पार्टी के प्रवक्ता साैरव दास ने हाल ही में सुप्रीम काेर्ट की ओर से जारी किए गए एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेश का इस्तेमाल प्रदर्शन में शामिल छात्राें के खिलाफ हाे सकता ह.
दास ने आशंका जताई कि सरकार इस आदेश का दुरुपयाेग कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्राें के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है और उन्हें प्रताड़ित कर सकती है. एक खबर के अनुसार दास ने कहा कि सीजेपी मूवमेंट की तीन प्रमुख शर्तें थीं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा शांतिपूर्वक धरनाप्रदर्शन करने वाले छात्राें के खिलाफ काेई कानूनी एक्शन न लेना भी शामिल था.
इस पर सरकार ने हामी भी भरी थी और छात्राें पर काेई कार्रवाई न करने का वादा किया था, लेकिन सीजेआई सूर्यकांत के आदेश की एक शर्त से सब बदल सकता है. बता दें कि जंतर मंतर और देशभर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्राें पर कथित अत्यधिक बल प्रयाेग के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियाें के खिलाफ काेई जबरदस्ती की कार्रवाई न की जाए.