शिवाजीनगर, 29 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) वर्ष 2017 से शुरू होकर लगभग 10 वर्षों से लंबित म्हालुंगे-मान हाईटेक सिटी टीपी स्कीम अब नए चरण में पहुंच गई है. योजना के अधिकार पीएमआरडीए से पुणे मनपा को हस्तांतरित होने के बाद आयुक्त नवल किशोर राम की अध्यक्षता में ग्रामीणों की मांगों पर महत्वपूर्ण बैठक हुई. नगरसेविका मयूरी कोकाटे के लगातार प्रयासों से आयोजित इस बैठक में वर्षों से लंबित प्रश्न के समाधान की दिशा में चर्चा हुई. राज्य सरकार के साथ लगातार समन्वय जारी रहेगा, यह प्रतिपादन मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने प्रतिनिधि मंडल के सामने किया. आयुक्त नवल किशोर राम ने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. टीपी स्कीम को राज्य सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है, लेकिन म्हालुंगे के मनपा सीमा में शामिल होने तथा किसानों की मांग को देखते हुए योजना निरस्त करने के संबंध में राज्य सरकार से पत्राचार किया जाएगा. टीपी स्कीम से बाहर रहने वाले क्षेत्र का अलग विकास रूपरेखा तैयार कर आवश्यकता अनुसार आरक्षण भी प्रस्तावित किए जाएंगे. मनपा स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष तथा नगरसेवक बाबूराव चांदेरे ने प्रेजेेंटेशन के माध्यम से बताया कि टीपी स्कीम में बार-बार किए गए बदलावों से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और न्यायोचित मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं. मयूरी कोकाटे, बाबूराव चांदेरे तथा अमोल बालवड़कर ने कहा कि ग्रामीणों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा और स्थायी समाधान होने तक प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय किया जाएगा. बैठक में बालेवाड़ी खेल परिसर में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान होने वाली पार्किंग समस्या भी उठाई गई. आयुक्त ने बताया कि अब सभी अधिकार मनपा के पास हैं और आवश्यक स्थानों पर पार्किंग आरक्षण देने पर विचार किया जाएगा. बैठक में आयुक्त नवल किशोर राम, बाबूराव चांदेरे, अमोल बालवड़कर, मयूरी कोकाटे, शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर तथा बड़ी संख्या में म्हालुंगे के किसान उपस्थित थे.