जेन-जी का भरोसा बनाए रखने के लिए बदलाव जरूरी ?

बात तो चुभेगी

    31-Jul-2026
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genz
 
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद काॅकराेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत काे भी धन्यवाद दिया है. सीजेपी के प्रवक्ता साैरव दास ने कहा है कि यह ट्रेलर था, पिक्चर अभी बाकी है. एथेनाॅल मामले में डिजिटल पार्टी के गठन के साथ जजाें के हवाले से काॅकराेच की तरह केकड़ा शब्द काे वायरल किया जा रहा है. जजाें की माैखिक टिप्पणियाें काे गलत तरीके से पेश करने के बढ़ते चलन के बाद सीधे प्रसारण वाले वीडियाे की क्लिपिंग के इस्तेमाल पर सुप्रीम काेर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया है. इससे पहले खुली अदालत में जजाें के साथ अभद्रता और मुख्य न्यायाधीश काे गाली देने के मामले के बाद व्यक्तिगत सुनवाई के मामलाें के सीधे प्रसारण पर राेक लगाई गई थी.
 
पेपर लीक आराेपियाें का फास्ट ट्रैक काेर्ट में ट्रायल और प्रदर्शनकारियाें के खिलाफ मुकदमाें की वापसी जैसे सरकारी आश्वासनाें की सफलता अदालती आदेशाें पर निर्भर रहेगी.
नीट से जुड़े पुराने मामलाें की सुनवाई के दाैरान जस्टिस पी. एस. नरसिंहा की पीठ ने कहा कि पेपर लीक राेकने के कदमाें की सुप्रीम काेर्ट निगरानी करेगा. जजाें के अनुसार, प्रश्नपत्राें काे पहुंचाने में वायु सेना की मदद अस्थायी उपाय था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में तदर्थवाद खत्म करके संस्थागत सुधाराें काे लागू करना हाेगा. लेकिन अदालताें में तदर्थ सुनवाई के बढ़ते चलन और संस्थागत सुधाराें से परहेज से युवाओं का गुस्सा बढ़ रहा है. इससे जुड़े चार पहलुओं काे समझना जरूरी है.
 
पहला, राज्याें के बजाय केंद्रीय स्तर पर नीट परीक्षा के आयाेजन के लिए सुप्रीम काेर्ट ने मंजूरी दी थी. 2024 में पेपर लीक मामले के बाद राधाकृष्णन समिति बनी थी, जिसकी अनेक सिफारिशाें पर अभी तक अमल नहीं हुआ. परीक्षाओं के आयाेजन और प्रश्नपत्राें की छपाई जैसे गाेपनीय मामलाें काे निजी वेंडराें काे आउटसाेर्स किया जा रहा है. पिछले नाै वर्षाें में एनटीए 270 परीक्षाएं आयाेजित करा चुका है, लेकिन वहां कुल स्वीकृत 39 स्थायी पदाें में 15 खाली हैं, 73 लाेग संविदा पर हैं और 124 कर्मचारी आउटसाेर्सिंग से हैं. इनमें से 47 लाेगाें काे सरकार ने हटाया है, जिसे बर्खास्तगी का नाम दिया जा रहा है. नंदन नीलेकणि काे अब शिक्षा का आधार सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है. यूपीए काल में तदर्थ तरीके से शुरू हुए आधार के लिए कानून में विलंब, सत्यापन नहीं हाेने और निजी एजेंसियाें से क्रियान्वयन के चलते तदर्थवाद और फर्जीवाड़ा बढ़ा. उसी तरह से एनटीए सिर्फ रजिस्टर्ड साेसायटी है, जिसे वैधानिक दर्जा नहीं मिलने से नकल माफिया बढ़ रहा है. एनटीए काे वैधानिक दर्जा मिलने से अधिकारियाें की जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ेगी. आउटसाेर्सिंग खत्म करने और कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग काे सफल बनाने के लिए सुप्रीम काेर्ट काे सख्त आदेश पारित करना चाहिए.
 
दूसरा, नए आपराधिक कानूनाें में संगठित अपराधियाें के खिलाफ सख्त दंड और तीन साल के भीतर न्याय देने का प्रावधान पहले से हैं. 2024 में नीट पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने नया कानून बनाया था, जिसे सख्त बनाते हुए 10 साल तक की जेल और 10 कराेड़ रुपये के जुर्माने के प्रावधान किए जा रहे हैं. यह समझना जरूरी है कि ये प्रावधान पुराने मामलाें में लागू नहीं हाेंगे. इस केंद्रीय कानून और फास्ट ट्रैक काेर्ट के सिस्टम काे सफल बनाने के लिए राज्याें की सहमति और सहयाेग जरूरी है. लाेकसभा में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार, 775 फास्ट ट्रैक अदालताें में 2.45 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं. जिला अदालताें में लंबित कराेड़ाें मामलाें की वजह से लाेगाें का गुस्सा और परेशानी बढ़ रही है. सुप्रीम काेर्ट में अटके विवाद की वजह से नीट के सुपर स्पेशलिटी की काउंसिलिंग शुरू नहीं हाे पा रही. राष्ट्रीय शिक्षा नीति और त्रिभाषा फाॅर्मूलाें पर भी सुप्रीम काेर्ट में बहस चल रही है. साेशल मीडिया सरगर्मी के आधार पर पीआईएल सुनवाई करने के बजाय महत्वपूर्ण मामलाें का निष्पादन जरूरी है, जिससे लाेगाें काे न्याय मिल सके.
 
तीसरा, सरकार ने अध्यादेश जारी कर सुप्रीम काेर्ट में चार नए जजाें की नियुक्ति पहले ही कर दी और अब संसद से कानून पारित हाे रहा है. जिला जजाें की रिटायरमेंट उम्र और वेतन भत्ताें काे बढ़ाने के लिए सुप्रीम काेर्ट ने अनेक आदेश दिए हैं. लेकिन हाईकाेर्ट और जिला अदालताें में जजाें के एक तिहाई रिक्त पदाें पर भर्ती के लिए काेई अभियान नहीं चल रहा. एनसीईआरटी में न्यायिक सुधाराें से जुड़े अध्याय काे सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद बदल दिया गया, लेकिन जमीनी हालात नहीं बदले. जांच समितियाें की रिपाेर्ट के बावजूद दिल्ली हाईकाेर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हाेना दुर्भाग्यपूर्ण है.
मणिपुर हाईकाेर्ट के जज की टिप्पणी के बाद राज्य में हिंसा भड़की थी. अब तीन साल बाद जांच और ट्रायल की धीमी रफ्तार पर सुप्रीम काेर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए विशेष अदालताें के गठन का सुझाव दिया है.
 
चाैथा, राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अपमान के दाेषी पाए जाने पर तीन साल की जेल और जुर्माने के लिए संसद में विधेयक पेश हुआ है. पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने प्रदर्शनकारियाें से हर्जाना वसूलने का सख्त कानून बनाया है. लेकिन जजाें और प्रधानमंत्री काे गाली देने और रील वायरल करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई नहीं हाे रही.