मुंबई, 30 जुलाई (वि.प्र.)
आज हमारा देश भारत अंतरिक्ष अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रक्षा के क्षेत्र में आश्चर्यजनक प्रगति कर रहा है. शत्रुओं काे यह समझ आ गया है कि आगे के युद्ध में भारत काे हराना संभव नहीं है. इसलिए, भारत की असली ताकत मानी जाने वाली युवा पीढ़ी काे नशे के जाल में फंसाकर देश काे अंदर से खाेखला करने की एक बड़ी साजिश और गुप्त युद्ध चल रहा है.
इस साजिश काे नाकाम करने के लिए हम सभी काे एकजुट हाेकर नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़नी हाेगी, राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपील की.
मुंबई में नशा मुक्त मुंबई अभियान के शुभारंभ के अवसर पर उन्हाेंने 10,000 से अधिक छात्राें, शिक्षकाें और नागरिकाें काे संबाेधित किया. उन्हाेंने उपस्थित लाेगाें काे नशा मुक्त मुंबई और भारत बनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया. भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ड्रग माफिया की साजिश पर प्रकाश डाला. शत्रु भली-भांति जानते हैं कि भारत काे आमनेसामने की लड़ाई में पराजित नहीं किया जा सकता. इसलिए, उन्हाेंने युवा पीढ़ी काे नशे का आदी बनाकर भविष्य में देश काे नष्ट करने के लिए एक गुप्त युद्ध शुरू कर दिया है, और इस युद्ध में नशीली दवाएं सबसे बड़ा हथियार हैं. दुर्भाग्य से, हमारे ही देश में कुछ प्रवृत्तियां सिर्फ धन के लालच में इस राष्ट्रविराेधी साजिश में शामिल हाे गई हैं.
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने छात्राें काे शपथ का महत्व समझाया. उन्हाेंने कहा, एक व्यक्ति दुनिया से झूठ बाेल सकता है, लेकिन वह अपने दिल से झूठ नहीं बाेल सकता. छत्रपति शिवाजी महाराज और भारत रत्न डाॅ. बाबासाहेब अंबेडकर की उपस्थिति में आज ली गई नशा मुक्त मुंबई की शपथ मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वयं से की गई एक प्रतिबद्धता है.
नशीली दवाएं बेचने वालाें पर सख्त कार्रवाई हाेगी नशे के नेटवर्क काे जड़ से उखाड़ने के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, शिक्षकाें और अभिभावकाें काे मिलकर काम करना हाेगा. स्कूलाें और काॅलेजाें के पास नशीली दवाएं बेचने वालाें, आपूर्तिकर्ताओं और उनके सरगनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यदि युवा दृढ़तापूर्वक नशे काे ना कहने का संकल्प लें, ताे किसी में भी नशा बेचने का साहस नहीं रहेगा. अगले दाे से चार वर्षाें में हम निश्चित रूप से मुंबई और महाराष्ट्र काे नशामुक्त बना देंगे.
सूचना देने वालाें काे इनाम, पहचान रहेगी गुप्त शिक्षकाें, छात्राें और आम नागरिकाें से अपील की गई कि परिसर के आसपास नशा बेचने वालाें की जानकारी तुरंत सरकार काे दें्. सूचना देने वालाें की पहचान पूरी तरह गाेपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा. एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि काेई युवा 21-22 साल की उम्र तक नशे से दूर रहता है, ताे वह जीवनभर इससे बचा रहता है.