शिवाजीनगर, 3 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) गिरिप्रेमी पर्वतारोहण संस्था की महिला पर्वतारोहियों का एक दल लद्दाख की मेंटोक कांग्री (6,250 मीटर) बर्फीली चोटी के अभियान के लिए रवाना हो गया है. इस अभियान में पर्वतारोहियों को प्रतिकूल मौसम, कम ऑक्सीजन और लंबी पैदल यात्रा का सामना करना पड़ेगा. इस 16 दिवसीय अभियान में 18 वर्ष की युवती से लेकर 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं तक, कुल 11 महिलाएं शामिल हुई हैं. इस अभियान में वरिष्ठ पर्वतारोही अंजलि कात्रे (उम्र-60 वर्ष) की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है. इस अभियान की शुरुआत बुधवार (1जुलाई) को प्रसिद्ध उद्यमी और ग्रैविटस फाउंडेशन की संस्थापिका उषा काकड़े के हाथों में देश का राष्ट्रध्वज सौंप कर की गई. इस अवसर पर गिरिप्रेमी संस्था की संस्थापिका उषाप्रभा पागे, प्रसिद्ध पर्वतारोही उमेश झिरपे, संस्था के सचिव मनोज कुलकर्णी आदि उपस्थित थे. उषाप्रभा पागे, उमेश झिरपे, अविनाश फौजदार और आशीष माने ने इस अभियान के लिए मार्गदर्शन किया है. तन्वी चव्हाण के नेतृत्व में इस अभियान में सोनिया भावसार, देवयानी वडनेरकर, अंजलि कात्रे, शीतल मुकादम, अनुष्का देव, गायत्री दमामे, चेतना शेटे, साक्षी प्रभुणे, शर्वरी परांजपे और तनिष्का शिंदे सहित 11 महिला पर्वतारोही शामिल हैं. उमेश झिरपे ने बताया कि इस अभियान में शामिल महिलाओं ने पिछले कई महीनों से कठिन शारीरिक और मानसिक तैयारी की है. सह्याद्रि में ट्रेक, लंबी दूरी की पदयात्रा, फिटनेस ट्रेनिंग और हिमालयन अभियान की विशेष तैयारी करके यह टीम पूरी तरह से तैयार है.
चुनौतियों से भरे हिमशिखर पर फहराएंगे तिरंगा गौरतलब है कि लद्दाख में स्थित मेंटोक कांगड़ी लगभग 6,250 मीटर की ऊंचाई पर एक चुनौतीपूर्ण हिमशिखर (बर्फ की चोटी) है. आयोजकों ने वेिशास व्यक्त किया है कि यह महिला दल शिखर पर भारतीय तिरंगा और गिरिप्रेमी का ध्वज फहराकर सफलतापूर्वक वापस लौटेगा.