आंबेगांव, 3 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पुणे की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में शामिल सिंहगढ़ सोसायटी के स्प्रिंगडेल स्कूल के 27 शिक्षकों का करोड़ों रुपये का वेतन (सैलरी) नहीं देने और उनकी आर्थिक धोखाधड़ी करने के मामले में संस्था के संस्थापक मारुति निवृत्ति नवले, उनकी पत्नी सुनंदा नवले समेत प्रमुख ट्रस्टियों और लेखा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि अपना वैधानिक वेतन मांगने पर शिक्षकों को नौकरी से निकालने और जान से मारने की धमकी दी गई. यह धोखाधड़ी अप्रैल 2020 से लेकर आज तक (पिछले 6 वर्षों से) जारी रही है. मारुति निवृत्ति नवले (संस्थापक, सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी), सुनंदा मारुति नवले (सचिव), रचना नवले उर्फ अष्टेकर (उपाध्यक्ष), रोहित मारुति नवले (उपाध्यक्ष), संजय मोरे (लेखा विभाग), शरद जराड (लेखा विभाग), संस्था के अन्य ट्रस्टी तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2), 318(4), 126(2), 352, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में शिक्षिका आरती अमित पुरंदरे (उम्र-45 वर्ष, निवासी महात्मा फुले मंडई के समीप, शुक्रवार पेठ) ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता आरती पुरंदरे सिंहगढ़ स्प्रिंगडेल स्कूल में कार्यरत हैं. अप्रैल 2020 में कोरोना काल से लेकर आज तक संस्था ने उनके 19 लाख 36 हजार 207 रुपये का व्यक्तिगत वेतन बकाया रखा है. पुरंदरे समेत स्कूल के अन्य 26 सहकर्मी शिक्षकों के कुल 4 करोड़ 87 लाख 47 हजार 211 रुपये भी संस्था ने नहीं दिए हैं. इस प्रकार कुल 5 करोड़ 6 लाख 83 हजार 418 रुपये की शिक्षकों की वेतन राशि संस्था के संचालकों ने अपने पास ही रख ली. शिक्षकों ने अपने वैधानिक वेतन के लिए संस्थापक मारुति नवले, सुनंदा नवले और अन्य ट्रस्टियों से समय-समय पर लिखित और मौखिक रूप से संपर्क किया. हर बार संस्था के संचालकों ने वेतन जल्द ही दे दिया जाएगा ऐसा झूठा ओशासन देकर शिक्षकों के साथ वेिशासघात किया. कुछ दिन पहले जब शिक्षकों ने वेतन की जोरदार मांग की, तब आरोपियों ने कहा, यदि नौकरी करनी है तो चुपचाप काम करो, नहीं तो नौकरी से निकाल देंगे. साथ ही उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि ज्यादा पैसों की मांग की तो हमारा सामना करना पड़ेगा, तुम सभी को जान से मार देंगे. आखिरकार परेशान होकर शिक्षकों ने पुलिस का रुख किया. शिक्षा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले और धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने से पुणे के शैक्षणिक क्षेत्र में भारी सनसनी फैल गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मानसिंग पाटिल ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली. इस मामले में आगे की जांच भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मानसिंग पाटील कर रहे हैं.