मंगलचंद चौधरी को मिला ‘विशिष्ट भामाशाह सम्मान'
राजस्थान फाउंडेशन, पुणे एवं गोवा चैप्टर के अध्यक्ष ने प्रवासी राजस्थानियों को सम्मान किया समर्पित
04-Jul-2026
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जयपुर/पुणे, 3 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी और भामाशाह परंपरा को सम्मानित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा सोमवार को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में 30वें भामाशाह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा की गरिमामय उपस्थिति तथा स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया. समारोह में राज्यभर से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगपतियों, समाजसेवियों, संस्थाओं तथा भामाशाहों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा के उन्नयन, आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं तथा छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए समाज की ओर से लगभग 318 करोड़ का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ है. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह योगदान मात्र आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राजस्थान की भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प है. साथ ही शिक्षा के प्रति समाज की यह अद्भुत प्रतिबद्धता राजस्थान की गौरवशाली भामाशाह परंपरा को आगे बढ़ाने का सशक्त उदाहरण है. समारोह का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण उस समय आया जब महाराष्ट्र एवं गोवा में बसे प्रवासी राजस्थानियों के बीच सामाजिक एवं शैक्षिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी तथा राजस्थान फाउंडेशन, पुणे (महाराष्ट्र) एवं गोवा चैप्टर के अध्यक्ष मंगलचंद चौधरी को प्रतिष्ठित विशिष्ट भामाशाह सम्मान से अलंकृत किया गया. यह सम्मान उन्हें शिक्षा, समाज सेवा तथा प्रवासी राजस्थानियों को मातृभूमि राजस्थान से जोड़ने और विभिन्न सामाजिक सरोकारों के लिए प्रेरित करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया. सम्मान ग्रहण करने के पश्चात चौधरी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके व्यक्तिगत प्रयासों का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र एवं गोवा में निवास कर रहे लाखों प्रवासी राजस्थानियों की सेवा भावना, सामाजिक प्रतिबद्धता और राजस्थान के प्रति उनके अटूट लगाव का सम्मान है.
समूचे प्रवासी समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय मंगलचंद चौधरी ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी समाज ने सदैव शिक्षा, सामाजिक उत्थान और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है तथा भविष्य में भी राजस्थान के विकास और शिक्षा उन्नयन के लिए अपना योगदान निरंतर जारी रखेगा. उन्होंने इस सम्मान को महाराष्ट्र एवं गोवा में बसे समस्त प्रवासी राजस्थानियों को समर्पित करते हुए इसे पूरे प्रवासी समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बताया. समारोह में उपस्थित अतिथियों, शिक्षाविद्ों और समाज प्रतिनिधियों ने राजस्थान की भामाशाह परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हो रहे हैं. उन्होंने वेिशास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहल से समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सहभागिता और अधिक बढ़ेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी.
सक्रिय सहभागिता बनाए रखने का शिक्षा विभाग द्वारा आह्वान कार्यक्रम के अंत में सम्मानित भामाशाहों और समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग द्वारा समाज के सभी वर्गों से शिक्षा के क्षेत्र में इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता बनाए रखे जाने का आह्वान किया गया.