राम मंदिर में चाेरी की रकम का बंटवारा आठाें आराेपियाें में हाेता था. यह खुलासा शनिवार काे पुलिस रिमांड के दाैरान आराेपी अविनाश शु्नला ने करते हुए कई राज खाेले. कड़ी पूछताछ में आराेपी अविनाश ने पुलिस के सामने सच्चाई उगली.उसने कहा-सभी लाेग संगठित गिराेह की तरह चाेरी कर रहे थे. चाेरी के पैसाें से घर-जमीन खरीदी, निवेश भी किए गए. पहले ताे उसकाे पैतृक निवास प्रतापगढ़ न जाने की बात प्रसारित की, लेकिन फिर 24 घंटे की रिमांड के दाैरान अयाेध्या में ही विभिन्न स्थानाें पर ले जाकर पड़ताल की. इस दाैरान अविनाश ने उस स्थान काे दिखाया जहां पर राेज शाम काे आठाें एकत्र हाेते थे और चढ़ावा चाेरी का बंटवारा करते थे.आराेपित अविनाश शु्नला ने रिमांड में कई राज खाेले और बताया कि काेसी परिक्रमा मार्ग के पास रकम का बंटवारा करते थे. चढ़ावा चाेरी का आठाें के बीच समान रूप से बंटवारा हाेता था.राम मंदिर चढ़ावा चाेरी के आराेपित अविनाश शुक्ला काे पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया.
अयाेध्या पुलिस ने कल उससे 13 घंटे तक पूछताछ की, जिसके आधार पर उसकी एक कार भी जब्त की. उसने स्वीकार किया कि मैंने चाेरी के पैसे से कार खरीदी ये भी कबूल किया अविनाश ने चाेरी के पैसे से घर भी बनवाया. अविनाश शुक्ल ने स्वयं व भाई के नाम पर जमीन व कार खरीदी ताे सुभाष श्रीवास्तव ने भी घर निर्माण पर निवेश किया. राम मंदिर के चढ़ावा चाेरी मामले के आठाें आराेपित दान की नकदी की गणना के दाैरान संगठित तरीके से प्रतिदिन धन चुरा रहे थे. इसके बाद में किसी गिराेह की तरह अपने ठिकानाें पर इसका आपस में बंटवारा कर लेते थे और गिराेह में हर उस व्यक्ति काे शामिल कर रखे थे, जाे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हाेने पर मदद करे. चढ़ावा चाेरी से मिला धन बैंकाें में अधिक न रखकर सभी आराेपित चल-अचल संपत्तियाें में निवेश भी कर रहे थे. मामला उजागर हाेने के बाद अब सबकी संपत्तियां धीरे-धीरे सामने आ रही हैं. इस बीच खबर है कि साेने से मढ़ी रामचरित मानस भी गायब हाे गयी है. इसकी कीमत 5 कराेड़ रुपये बताई गई है. यह दावा पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने किया है.