सुबह उठते ही हाथ ऊपर उठाने में तकलीफ, बालों में कंघी करने में दर्द, कपड़े पहनते समय कंधे में तेज खिंचाव या रातभर दर्द के कारण बार-बार नींद टूटना. ये केवल सामान्य दर्द के संकेत नहीं हैं. लाखों लोग, विशेषकर महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और मधुमेह के मरीज, वर्षों तक इस परेशानी को उम्र का असर या अपने-आप ठीक हो जाएगा, यह कहकर अनदेखा करते रहते हैं. नतीजा यह होता है कि दर्द धीरे-धीरे इतना बढ़ जाता है कि कंधे की सामान्य हरकत भी मुश्किल हो जाती है.आखिर कंधे का दर्द क्यों होता है, किन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए और कौन-सी नई तकनीकें मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही हैं. इन्हीं महत्वपूर्ण विषयों पर हमने दर्द रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया राठी से विस्तार से बातचीत की. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश
प्रश्न : लोग अक्सर कंधे के दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. क्या यह सही है?
डॉ.राठी- बिल्कुल नह्ीं. कंधे का दर्द अगर कुछ दिनों से अधिक बना रहे, हाथ उठाने में दिक्कत हो, रात में दर्द के कारण नींद टूटने लगे या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. कई बार यह फ्रोजन शोल्डर, टेंडन की चोट, गठिया या मांसपेशियों की समस्या का संकेत हो सकता है.
प्रश्न : किन लक्षणों को देखकर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
डॉ.राठी- यदि बालों में कंघी करने, कपड़े पहनने, हाथ पीछे ले जाने, मंदिर में आरती करने या कोई सामान उठाने में दर्द हो रहा है, तो यह सामान्य नहीं है. खासकर यदि दर्द तीन-चार सप्ताह से अधिक समय तक रहे या रात में बढ़ जाए, तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलना चाहिए.
प्रश्न : क्या बढ़ती उम्र के साथ कंधे का दर्द होना स्वाभाविक है?
डॉ.राठी- उम्र बढ़ने से कुछ बदलाव जरूर आते हैं, लेकिन लगातार दर्द को उम्र का असर कहकर छोड़ देना सही नहीं है. समय पर जांच और इलाज से अधिकांश मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं.
प्रश्न : फ्रोजन शोल्डर क्या होता है और यह कितना गंभीर हो सकता है?
डॉ.राठी- फ्रोजन शोल्डर में कंधे का जोड़ धीरे-धीरे अकड़ जाता है और हाथ की हरकत काफी सीमित हो जाती है. यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो मरीज को लंबे समय तक परेशानी उठानी पड़ सकती है.
प्रश्न : आधुनिक पेन मैनेजमेंट तकनीकों से क्या लाभ मिलते हैं?
डॉ.राठी- आज कई ऐसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं, जिनसे बिना बड़े ऑपरेशन के दर्द से राहत मिल सकती है. इनमें प्रमुख हैं अल्ट्रासाउंड गाइडेड ड्राई नीडलिंगदद र्भरे ट्रिगर पॉइंट्स का सटीक उपचार अल्ट्रासाउंड गाइडेड शोल्डर इंजेक्शन- सूजन वाली जगह पर सीधे दवा पहुंचाना. हाइड्रोडायलेटेशन- फ्रोजन शोल्डर की जकड़न कम करने की प्रभावी तकनीक.म पल्स्ड रेडियोफ्रीक्वेंसी-दर्द पहुंचाने वाली नसों को शांत करना. रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन-पुराने और लगातार रहने वाले दर्द में लंबे समय तक राहत.
प्रश्न : क्या इन प्रक्रियाओं के लिए अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती होना पड़ता है?
डॉ.राठी- नहीं, अधिकांश प्रक्रियाएं मिनिमली इनवेसिव होती हैं. इनमें बड़ा चीरा नहीं लगता और अधिकतर मरीज उसी दिन घर लौट सकते हैं. रिकवरी भी अपेक्षाकृत जल्दी होती है.
प्रश्न : क्या केवल दवाइयों से ही कंधे का दर्द ठीक हो सकता है?
डॉ.राठी- हर मरीज की समस्या अलग होती है. कुछ मामलों में दवाइयों और फिजियोथेरेपी से लाभ मिलता है, जबकि कुछ मरीजों को इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट तकनीकों की आवश्यकता होती है. इसलिए पहले सही जांच और कारण का पता लगाना जरूरी है.
प्रश्न : आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
डॉ.राठी- दर्द को अपनी जिंदगी का हिस्सा मत बनने दीजिए. अगर कंधे का दर्द लगातार बना हुआ है, आपकी नींद खराब कर रहा है या रोजमर्रा के कामों में बाधा बन रहा है, तो समय पर दर्द विशेषज्ञ से सलाह लें. सही निदान और उचित उपचार से न केवल दर्द कम किया जा सकता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाई जा सकती है.