हरियाणा के चनाैत गांव में स्वच्छ पानी के लिए लाेगाें का धरना

    06-Jul-2026
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hary 
 
हरियाणा के चनाैत गांव में लाेग पिछले डेढ महीने से स्वच्छ पानी के लिए लाेग धरना दे रहे हैैं. लकिन प्रशासन उनकी मांगाें काे नजरअंदाज कर रही है. पीने के लिए आनेवाला पानी काला हाेता है.इसके कारण लाेगाें का स्वास्थ खतरे में पड़ रहा है.काेई इस पानी काे देख ले, ताे बिदक जाए, लेकिन हमारे छाेटे-छाेटे बच्चे भी यही पानी पीने काे मजबूर हैं. जिस पर बीतती है, वही दर्द समझता है.हरियाणा के हांसी ज़िले के चनाैत गांव की नवीन देवी जब यह कहती हैं, ताे उनकी आवाज़ में ग़ुस्सा नहीं, बल्कि लंबे इंतज़ार से उपजी थकान है.इस गांव के लाेग लंबे समय से पीने के पानी की गुणवत्ता काे लेकर शिकायत कर रहे हैं. उनका कहना है कि नल का पानी पीने लायक नहीं है.कई परिवार अब बाज़ार से पानी ख़रीदने या टैंकराें पर निर्भर रहने काे मजबूर हैं. वहीं आर्थिक ताैर पर कमज़ाेर परिवार वही पानी पी रहे हैं.
 
स्थानीय लाेगाें का आराेप है कि उन्हाेंने कई बार स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियाें से बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हाे सका. लगातार शिकायताें के बावजूद जब हालात नहीं बदले, ताे 16 मई से गांव के लाेगाें ने प्रदर्शन शुरू कर दिया.उनकी मांग है कि हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही 36 इंच की भाखड़ा पाइपलाइन से चनाैत गांव काे एकटी-कनेक्शन दिया जाए. टी-कनेक्शन यानी मुख्य पाइपलाइन से एक अतिरिक्त जाेड़, जिसके ज़रिए उसी लाइन से दूसरे इलाके तक पानी पहुंचाया जा सकता है.केंद्र सरकार की अमृत 2.0 याेजना के तहत राजली स्थित भाखड़ा नहर से हांसी शहर तक लगभग 27 किलाेमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है.ग्रामीणाें का कहना है कि अगर इसी लाइन से उनके गांव काे जाेड़ दिया जाए ताे उनकी समस्या का स्थायी समाधान हाे सकता है. ग्रामीणाें का कहना है कि बड़ी पाइपलाइन हाेने से उसकी देखरेख बेहतर हाेगी और रास्ते में अवैध कनेक्शन हाेने की आशंका भी कम रहेगी. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह पाइपलाइन अमृत 2.0 याेजना के तहत शहर काे पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई जा रही है.