गुलटेकडी, 7 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
पंढरपुर जाने वाला आषाढ़ी वारी सोहला (पालकी यात्रा) मंगलवार, 7 जुलाई से शुरू हो गया. इस यात्रा में सम्मिलित वारकरी हर साल देहू और आलंदी से पुणे आते हैं. यहां दो दिन विश्राम करने के बाद वे पंढरपुर के लिए प्रस्थान करते हैं. पुणे के नागरिक भी हर साल बड़ी श्रद्धा और आनंद के साथ इन वारकरियों के रहने की व्यवस्था करते हैं. इस साल वारकरियों के रुकने की अवधि बढ़ने वाली है, जिसके कारण इस बढ़े हुए नियोजन के साथ गुलटेकडी मार्केट यार्ड के अनाज बाजार (भुसार विभाग) में जोरदार तैयारियां चल रही हैं. पंढरपुर जाने के लिए देहू और आलंदी से निकलने वाले वारकरी हर साल देहू और आलंदी से पालकी के साथ ही पुणे आते हैं. लेकिन इस साल अधिक बारिश होने के कारण प्रशासन ने वारकरियों से देहू और आलंदी न आने की अपील की है. उन्हें सीधे पुणे से वारी (यात्रा) में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं. स्वाभाविक रूप से, वारकरियों का पुणे में निवास बढ़ेगा. कुछ वारकरी मंगलवार, 7 जुलाई को पुणे पहुंच गए हैं. जबकि अन्य दिंडियों (वारकरियों के समूह) के बुधवार, 8 जुलाई से रुकने का अनुमान है.
पूरे परिवार और दोस्तों के साथ करेंगे भावपूर्ण सेवा
हम जिस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह पल आ गया है. वारकरियों की सेवा पूरे परिवार की ओर से और दोस्तों को साथ लेकर हम करेंगे. इसकी जोरदार तैयारियां चल रही हैं. मंडप लगाने का काम शुरू है. वारकरी एक दिन पहले ही आ रहे हैं. इसलिए हमारे पास ट्रांसपोर्ट से जो भी माल आने वाला है, उसे उतारकर तुरंत मंडप का काम पूरा कर लेंगे, ताकि किसी को भी कोई परेशानी न हो. बारिश की वजह से माल के ट्रांसपोर्ट का भी ध्यान रखना पड़ता है. ड्राइवर को भी कोई तकलीफ न हो, ऐसा नियोजन हम कर रहे हैं. हमारे गोदाम में और साइड पट्टी (परिसर) में वारकरियों के रहने की व्यवस्था की गई है. - कुणाल ओस्तवाल, व्यापारी, मार्केट यार्ड
लगभग 16 हजार वारकरियों के आने का अनुमान
इस साल मार्केट यार्ड के भुसार (खाद्यान्न) विभाग में 33 स्थानों पर दिंडी (पालकी यात्रा) और वारकरियों का निवास है. अनुमान है कि यहां लगभग 16 हजार वारकरी होंगे. जो वारकरी हर साल आते हैं, उनमें से कुछ लोगों के आज से ही फोन आने शुरू हो गए हैं कि हम कल से ही आने वाले हैं. उन लोगों के भोजन की व्यवस्था उसी स्थान पर की जा रही है, जहां उनका निवास है. दुकानदारों ने हर साल के नियोजन (योजना) के अनुसार दुकानों के सामने मंडप लगाना शुरू कर दिया है. पहले दिंडी के ट्रक मार्केट यार्ड में आएंगे और उसके बाद वारकरी पहुंचेंगे. हम उसी प्रकार का नियोजन कर रहे हैं. - राजेंद्रकुमार बाठिया, अध्यक्ष, दि पूना मर्चेंट्स चेंबर
निवास और भोजन की व्यवस्था आज से ही शुरु की
आज से ही हमने उनके रहने की व्यवस्था कर दी है. इसी तरह हम उनके भोजन की भी व्यवस्था कर रहे हैं. हमने भी वारकरियों से कहा है कि आलंदी जाने के बजाय सीधे मार्केट यार्ड में ही आएं. हमने अगले तीन-चार दिनों में उनकी जो भी व्यवस्था होगी, उसकी तैयारी कर ली है. हमारे यहां हर साल 200 लोग रुकते हैं. आजही लगभग 10 वारकरी आए हैं. दो दिनों के हिसाब से हमने तैयारी शुरू की थी. लेकिन, उनके विश्राम का समय बढ़ने के कारण मुख्य रूप से रहने और भोजन की व्यवस्था आज से ही कर दी गई है. हर साल बारिश होती ही है, इसलिए मंडप तो डाला ही रहता है. टीन की छत होने के कारण उन्हें कहीं भी असुविधा नहीं होती. दो दिनों के लिए हम अपना व्यवसाय बंद रखकर वारकरियों की सेवा करते हैं, जिससे हमें बड़ा संतोष मिलता है. - राजेंद्र गुगले, वरिष्ठ व्यापारी, पुणे