रविवार पेठ, 7 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
शहर में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने मध्यवर्ती इलाकों और ऐतिहासिक पेठ बाजारों की कमर तोड़ दी है. शनिवार और रविवार की छुट्टी के दिनों में भी बाजार पूरी तरह सुनसान रहे और सोमवार, 6 जुलाई को भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. लगातार हो रही इस बारिश के कारण गलियों में पानी भर गया है, जिससे कई दुकानदार अपनी दुकानें तक नहीं खोल पाए. जो दुकानें खुली भी थीं, वहां ग्राहकों ने पूरी तरह से मुंह मोड़ लिया, जिसके चलते कई व्यापारी दोपहर में ही दुकानें बंद कर घर लौट गए. शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्रों में शुमार होने वाले मंडई, तुलसीबाग, रामेश्वर चौक, गुरुवार पेठ और रविवार पेठ में कई दुकानदारों के लिए तेज बारिश और बाहर फैले कीचड़ के कारण अपनी दुकान खोलना भी मुश्किल हो गया है. बाजारों की ऐसी स्थिति बनी हुई है कि बारिश होने के कारण ग्राहक नहीं हैं. दुकान खोलना और काम करना असंभव हो गया है. व्यापारियों का कहना है कि हर सीजन की पहली बारिश में दुकानों की छत टपकने या टीन खराब होने जैसी समस्याएं आती हैं, लेकिन इस बार बारिश इतनी तेज है कि मरम्मत का काम करा पाना भी मुमकिन नहीं हो पा रहा है. लगातार हो रही बारिश का सबसे बड़ा असर माल की आपूर्ति पर पड़ा है. वाघोली और फुरसुंगी के मुख्य गोदामों के साथ-साथ बाहरी गांवों से आने वाला माल बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहा है. ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने सुरक्षा के लिहाज से गोदामों से माल की डिलीवरी फिलहाल रोक दी है. होलसेल मार्केट में इक्का-दुक्का गाड़ियां ही नजर आईं. व्यापारियों का मानना है कि जब तक बारिश नहीं थमती, तब तक ट्रांसपोर्ट की यह समस्या जस की तस बनी रहेगी. भारी बारिश के चलते मुंबई और पुणे के बीच का यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. सोमवार को कई व्यापारी खरीदारी या अन्य कामों के लिए मुंबई गए थे, जो एक्सप्रेस-वे या रास्तों पर ही फंस गए. कई व्यापारी तो पुणे से बाहर भी नहीं निकल सके. इसके अलावा, बाजारों में काम करने वाले कर्मचारी और हमाल भी काम पर नहीं पहुंच पाए, जिससे दुकानों में व्यापारियों को अकेले या बेहद कम स्टाफ के साथ बैठना पड़ा. यही हाल सड़क किनारे सामान बेचने वाले फेरीवालों और खाने-पीने के ठेलों का रहा, जहां ग्राहकों की अनुपस्थिति के कारण पूरी तरह सुस्ती छायी रही.
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा विपरीत असर: राजेंद्र बाठिया
इस भारी बारिश का असर न केवल मौजूदा व्यापार पर, बल्कि आने वाली फसलों और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. मुंबई-पुणे यातायात ठप होने से रास्ते बंद हैं. गुलटेकड़ी मार्केट यार्ड में माल मुख्य रूप से अहिल्यानगर-नासिक मार्ग से आता है, लेकिन हर तरफ बारिश होने से दो-तीन दिन ट्रांसपोर्ट प्रभावित रहेगा. हालांकि यह बारिश चावल की खेती के लिए फायदेमंद है, लेकिन अन्य फसलों और विशेष रूप से सब्जियों को इससे भारी नुकसान पहुंचेगा. - राजेंद्र बाठिया, अध्यक्ष (दि पूना मर्चेंट्स चेंबर)
छतरी, रेनकोट, तिरपाल की मांग बढ़ीः कीमतों में उछाल
इस संकट के बीच छतरी, रेनकोट, तिरपाल और डामर शीट की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. बोहरी आली के अशोक चौक की दुकानों पर कुछ ग्राहक जरूर दिखे, लेकिन वहां भी जलजमाव के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई. छतों को टपकने से बचाने के लिए तिरपाल और प्लास्टिक शीट की मांग बढ़ने से कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक का उछाल आया है. हालांकि, भारी बारिश और मजदूरों की कमी के कारण लोग छतों पर पक्का काम कराने में असमर्थ हैं और अस्थायी रास्तों का सहारा ले रहे हैं.