भारी हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही 3 अगस्त तक ठप्प

विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर संसद भवन में प्रदर्शन किया

    01-Aug-2026
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Sansad
नई दिल्ली, 31 जुलाई (वि.प्र./वार्ता)
भारी हंगामे के चलते शुक्रवार काे संसद की कार्यवाही 3 अगस्त तक के लिए ठप्प हाे गया. विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चाेरी काे लेकर प्रदर्शन किया. इस माैके पर पप्पू सांसद यादव पुजारी बनकर संसद पहुंचे.
राहुल गांधी सहित अन्य सांसदाें ने चंदा देकर प्रतीकात्मक रूप से मंदिर में चाेरी का विराेध किया. भारी हंगामे के बीच लाेकसभा में जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशाेधन बिल पास हाे गया.
 
विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे दाे के नारे लगे. इस्तीफे की मांग के साथ खूब हंगामा किया. जिसके कारण लाेकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.हालांकि इससे पहले लाेकसभा की कार्यवाही 11 बजे केबाद दाेपहर 12 बजे फिर शुरू हुई.
इसके साथ ही विपक्ष की ओर से हंगामा जारी है. वहीं राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. राज्यसभा की अगली बैठक अब 3 अगस्त काे सुबह 11 बजे हाेगी. राज्यसभा के सभापति ने सदन की कार्यवाही काे अगले निर्धारित समय तक के लिए स्थगित करने की घाेषणा की.
 
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अयाेध्या में हुई घटनाओं काे देखिए. जाे श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ाने गए, उन्हें रसीद नहीं दी गई.
दान पेटी तक पहुंचने से पहले ही पैसे ले लिए गए. गिनती वाली जगह पर सीसीटीवी कैमराें में कुछ ही दिनाें के अंदर गड़बड़ी के 70 वीडियाे रिकाॅर्ड हुए. लेकिन बाद में पुरानी सभी फुटेज हटा दी गईं. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि हमारा प्रदर्शन केवल एक प्रतीक था. इसके जरिये हमने अयाेध्या में दिनदहाड़े लूट की ओर ध्यान दिलाया है. उन्हाेंने आराेप लगाया कि यह लूट साल 2020 में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के समय से ही चल रही है. सपा सांसद ने आराेप लगाया कि यह सारा पैसा भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लाेगाें की जेब और बैंक खाताें तक पहुंच गया है.
 
पीएम केयर्स फंड की पारदर्शिता पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई. पीएम केयर्स फंड का निर्माण काेविड के समय 2020 में किया गया था. इसकाे लेकर पीएमओ ने एक अलग से वेबसाइट बनाई थी. इस फंड से काेविड महामारी से निपटने के लिए जाे भी जरूरत थी, उसमें याेगदान करना था. सरकार ने प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपातकालीन राहत काेष (पीएम केयर्स फंड) नाम से इसे बनाया था.
यह एक ट्रस्ट की भांति था.
 
इसे पब्लिक चैरिटेबल ट्र्स्ट 1908 के तहत रजिस्टर्ड किया गया था. 27 मार्च 2020 काे रजिस्टर्ड किया गया था. वेबसाइट में अंतिम जानकारी मार्च 2023 की है, जिसमें इसके पास शेष राशि 6283.7 कराेड़ रुपये थी. केंद्र सरकार ने जनवरी 2023 में दिल्ली हाईकाेर्ट काे जानकारी दी थी कि पीएम केयर्स फंड एक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया गया है. इसे संविधान या संसद या फिर राज्य द्वारा बनाए गए कानून के तहत नहीं बनाया गया है. यही वजह है कि यह आरटीआई के दायरे में भी नहीं आता है. सुप्रीम काेर्ट ने 18 अगस्त, 2020 काे पीएम केयर फंड से एनडीआरएफ में धनराशि हस्तांतरित करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था.
काेर्ट ने पीएम केयर्स फंड काे कैग के ऑडिट से भी मुक्त किया था. पीएमओ की बेवसाइट पर इस फंड के बारे में लिखा गया है, पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति, मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा अथवा संकट से संबंधित किसी भी प्रकार की राहत या सहायता सहित स्वास्थ्य सेवा या फर्मास्यूटिकल सुविधाओं के लिए की गई थी. इसके संसाधनाें का उपयाेग अब मुख्य रूप से बाढ़, चक्रवात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लाेगाें के परिवाराें और बड़ी दुर्घटनाओं और दंगाें के पीड़िताें काे तत्काल राहत प्रदान करने के लिए किया जाता है. राष्ट्रीय रक्षा काेष (एनडीएफ) का उपयाेग सशस्त्र बलाें, जिनमें अर्धसैनिक बल भी शामिल हैं, के सदस्याें और उनके आश्रिताें के कल्याण के लिए किया जाता है.