पिंपरी, 9 अगस्त (आ.प्र.)
कचरा प्रबंधन काे अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के लिए मनपा के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करने की याेजना चल रही है. कचरा संग्रहण, परिवहन, ट्रांसफर स्टेशन और प्राेसेसिंग प्लांट्स के प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र ‘ठाेस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग’ बनाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए वर्तमान में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग और पर्यावरण विभाग के विलय का प्रस्ताव विचाराधीन हाेने की जानकारी अधिकारियाें ने दी है. माेशी कचरा डिपाे दुर्घटना के बाद कचरा प्रबंधन का मुद्दा गंभीर हाे गया है.
कचरा संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण केंद्राें के बीच समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई. इस पृष्ठभूमि में, एक स्वतंत्र व्यवस्था स्थापित करने का विचार सामने आया है. वर्तमान में कचरा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्याें की जिम्मेदारी दाे अलग-अलग विभागाें के पास है.
स्वास्थ्य विभाग के पास कचरा संग्रहण, परिवहन, हस्तांतरण केंद्र, माेशी कचरा डिपाे का नियंत्रण और पर्यावरण संबंधी मामले हैं. इस कारण यदि कचरा संग्रहण में काेई बाधा आती है, ताे उसका असर आगे की पूरी व्यवस्था पर पड़ता है.
दुर्घटना के बाद शहर के कुछ हिस्साें में कचरा समय पर नहीं उठाया गया था, जिससे समन्वय की कमी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया.
कचरा प्रबंधन एक ही विभाग के पास हाे संग्रहण से लेकर परिवहन और प्राेसेसिंग केंद्राें तक की पूरी व्यवस्था पर एक ही विभाग का नियंत्रण रखने की चर्चा चल रही है. इससे कचरा संग्रहण की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, कचरा हस्तांतरण केंद्र, प्राेसेसिंग प्लांट और पर्यावरण से जुड़ी बाताें का एक साथ जायजा लेना संभव हाेगा. कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी एक ही विभाग के पास हाेने से समस्याओं की जिम्मेदारी तय करना आसान हाे जाएगा. साथ ही, काॅन्ट्रै्नटराें के काम की निगरानी, कचरा संग्रहण के मार्गाें का नियाेजन, परिवहन व्यवस्था पर नियंत्रण और प्राेसेसिंग केंद्राें की क्षमता में सुधार हाेगा.
पुनावले के पुराने आरक्षण पर फिर से चर्चा शुरू पुनावले स्थित 22.8 हेक्टेयर जमीन 2008 में कचरा प्राेसेसिंग प्लांट के लिए आरक्षित की गई थी. स्थानीय निवासियाें के विराेध के बाद यह परियाेजना रद्द कर दी गई थी. माेशी कचरा डिपाे दुर्घटना के बाद एक ही स्थान पर कचरा जमा करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हाे गए हैं.
कचरे की बढ़ती मात्रा और माेशी पर निर्भरता काे देखते हुए, पुनावले के पुराने आरक्षण पर नए सिरे से विचार करने की चर्चा शुरू हुई है. हालांकि, पुनावले क्षेत्र में बढ़ती आबादी, पर्यावरणीय प्रभाव और नागरिकाें के संभावित विराेध काे ध्यान में रखते हुए तकनीकी और पर्यावरणीय व्यवहारिकता की जांच के बाद ही निर्णय लिया जाएगा, ऐसा अधिकारियाें ने बताया.
पर्यावरण और स्वास्थ्य विभाग का एकीकरण कर ठाेस अपशिष्ट विभाग बनाने काे लेकर कुछ बैठकाें में चर्चा हाेने की बात कही गई है. हालांकि, इस पर अभी तक अंतिम प्रशासनिक निर्णय नहीं हुआ है. विभागाें का ढांचा, अधिकारी-कर्मचारियाें की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली काे लेकर अगला फैसला हाेने की संभावना है. दुर्घटना के बाद कचरा प्रसंस्करण संयंत्राें की सुरक्षा, काॅन्ट्रै्नटराें पर नियंत्रण, कर्मचारियाें की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमाें के पालन पर भी मनपा काे अधिक गंभीरता से ध्यान देना हाेगा. इसलिए, नए विभाग के माध्यम से केवल कचरा उठाने की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि संग्रहण से लेकर अंतिम प्राेसेसिंग तक की पूरी श्रृंखला पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता व्यक्त की जा रही है.