रायपुर, 11 अगस्त (वि.प्र.)
ट्रेनी आईपीएस ने पहली ही पाेस्टिंग में 1 कराेड़ की रिश्वत ली. आराेप है कि साइबर फ्राॅड के एक मामले काे निपटाने मामले में हुई कार्रवाई. इस मामले में राहुल बंसल व दाे पुलिस कर्मियाें पर भी शिकंजा कसा गया. यह मामला छत्तीसगढ़ का है.
इस मामले में सीबीआई काेर्ट ने डीजीपी से विस्तृत रिपाेर्ट मांगी है. अब यह यह मामला दिल्ली की एक स्पेशल सीबीआई काेर्ट में पहुंच गया है, जिसने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और केंद्रीय जांच ब्यूराे (सीबीआई) के निदेशक से एक्शन टेकन रिपाेर्ट मांगी है. शिकायत में नामजद आराेपी, ट्रेनी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल, सहायक उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार राठाैर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा हैं.
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने काेर्ट के समक्ष कथित लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत पेश किए हैं, जिनमें वाट्सएप चैट और काॅल रिकाॅर्डिंग शामिल हैं. इन सबूताें के आधार पर काेर्ट ने दाेनाें उच्च अधिकारियाें से विस्तृत एटीआर मांगी है, जिसमें अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्याेरा मांगा गया है. शिकायत के अनुसार, राहुल बंसल आईपीएस में आने से पहले इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे.
दिल्ली की स्पेशल सीबीआई काेर्ट ने इस शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के डीजीपी और सीबीआई निदेशक दाेनाें से एटीआर मांगी है. बताया जा रहा है कि एटीआर से यह साफ हाेने की उम्मीद है कि शिकायत मिलने के बाद आराेपी अधिकारियाें के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है. रिपाेर्ट में यह भी साफ हाेगा कि आराेपाें की जांच शुरू की गई है या नहीं, जांच किस स्तर पर चल रही है और क्या काेई अंतरिम कदम उठाए गए हैं. काेर्ट के आदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ पुलिस और सीबीआई दाेनाें काे इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी हाेगी.