‌‘सखी सहेली मंडल‌’ की कावड़ यात्रा में गूंजा हर-हर महादेव

सैकड़ों महिलाओं ने लिया हिस्सा : नीलकंठेेशर महादेव मंदिर में चढ़ाया कांवड़ का पवित्र जल

    12-Aug-2026
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निगड़ी, 11 अगस्त (आज का आनंद न्यू नेटवर्क)

 निगड़ी के सेक्टर 24 में सावन महीने के दूसरे सोमवार की पावन तिथि पर सखी सहेली मंडल एवं सहयोगी संस्था ‌‘अपना वैश्य समाज, पुणे‌’ के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन अत्यंत भक्तिभाव, आस्था और उत्साहपूर्ण वातावरण में धूमधाम से संपन्न हुआ. इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं ने कांवड़ लेकर भाग लिया. यात्रा का विधिवत शुभारंभ निगड़ी स्थित केदारेश्वर मंदिर में भगवान महादेव की पूजा-अर्चना के साथ हुआ. पंडित सत्यनारायण शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अनुष्ठान संपन्न कराया. इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का स्मरण करते हुए ‌‘हरहर महादेव‌’ और ‌‘जय भोलेनाथ‌’ के जयघोष के साथ यात्रा प्रारंभ की. केदारेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर यह कांवड़ यात्रा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, भेल चौक और काजगर चौक से होते हुए नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंची. पूरे यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था और पूरा परिसर शिवभक्ति के जयकारों से गूंज उठा. मंदिर पहुंचने पर कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान नीलकंठेश्वर महादेव का श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक किया और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की. इस पूरी कावड़ यात्रा के दौरान महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही. बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर और अत्यधिक उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया.  
 
आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति देखने को मिली

आयोजकों के अनुसार, सावन के सोमवार पर आयोजित यह कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं थी, बल्कि इसने सभी श्रद्धालुओं को एक सूत्र में पिरोने वाले एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक अवसर का रूप भी लिया. इस सफल आयोजन में शोभा विजय मित्तल, शीला वेदप्रकाश गुप्ता, कमला दीनदयाल गुप्ता, सरोज राजकुमार गुप्ता, शारदा लसारिया, उषा सुरेश गुप्ता, सुरेश हुकुमचंद गुप्ता, सुनीता गुप्ता, जयवंती नरेश गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, इंदिरा अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल एवं वेदप्रकाश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं का सराहनीय एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा. सखी सहेली मंडल की इस भव्य कांवड़ यात्रा ने सावन के दूसरे सोमवार को पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से सराबोर कर दिया. महाकाल के जयघोष के साथ संपन्न हुई इस यात्रा में शामिल प्रत्येक श्रद्धालु के मन में शिवभक्ति और अलौकिक आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति स्पष्ट रूप से देखने को मिली.