राज्य में पुणे ‌‘जीसीसी‌’ की राजधानी होगा : देवेंद्र फडणवीस

होटल कॉनराड में आयोजित ‌‘जीसीसीप्रोज लीडरशिप शिखर सम्मेलन‌’ में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को दिलाया भरोसा

    12-Aug-2026
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बंडगार्डन, 11 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

महाराष्ट्र को वैेिशक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए भारत का अग्रणी और सर्वाधिक पसंदीदा स्थान बनाने का राज्य सरकार का संकल्प है. राज्य में 400 नए वैेिशक क्षमता केंद्र, 4 लाख उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर और 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा. होटल कॉनराड में आयोजित जीसीसीप्रोज लीडरशिप शिखर सम्मेलन में फडणवीस बोल रहे थे. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, महापौर मंजूषा नागपुरे, मुख्यमंत्री के निवेश एवं नीति सलाहकार कौस्तुभ धवसे, जीसीसीप्रोज के मुख्य सलाहकार नीलेश देशमुख, शम्मी प्रभाकर तथा उद्योग क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. फडणवीस ने कहा कि भारत में जीसीसी की यात्रा की शुरुआत कुशल मानव संसाधन, कौशल और लागत के दृष्टिकोण से दक्षता के आधार पर हुई. हालांकि, अब इस क्षेत्र का स्वरूप बड़े पैमाने पर बदल रहा है. वर्ष 2030 के जीसीसी केंद्र केवल कार्यालयीन सहायक कार्यों तक सीमित नहीं रहेंगे. वे इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उत्पाद विकास, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं, सूचना विलेषण तथा अनुसंधान एवं विकास के केंद्र बनेंगे. इन केंद्रों से वैेिशक व्यवसायों के महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे. महाराष्ट्र को जीसीसी क्षेत्र में बड़ी बढ़त दिलाने वाली विशेषता यह है कि इन केंद्रों के लिए आवश्यक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र राज्य में पहले से उपलब्ध है. मुंबई के पास देश का गहरा वित्तीय और व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र है. पुणे के पास इंजीनियरिंग, वाहन उद्योग, विनिर्माण क्षेत्र, प्रौद्योगिकी और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन का मजबूत आधार है. नासिक, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में भी वैेिशक क्षमता वाले विशेषीकृत केंद्र विकसित करने की क्षमता है. इसलिए महाराष्ट्र में केवल एक शहर में निवेश करने का अवसर नहीं है, बल्कि विभिन्न शहरों में उपलब्ध प्रतिभा, कौशल और औद्योगिक क्षमताओं का संयुक्त लाभ लेने का अवसर है. उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि महाराष्ट्र केवल ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के संचालन का केंद्र न रहकर नवाचार, अनुसंधान, उत्पाद विकास और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का वैेिशक केंद्र बने, यह राज्य की महत्वाकांक्षा है. पुणे का मजबूत प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र, कुशल मानव संसाधन तथा आईटी और विनिर्माण क्षेत्र का अनूठा संगम पुणे को एआई, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, उन्नत इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास के लिए सक्षम बनाता है. जीसीसीप्रोज के मुख्य सलाहकार नीलेश देशमुख ने प्रस्तावना प्रस्तुत की.