मुंबई, 12 अगस्त (वि.प्र.)
सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और सूझबूझ का परिचय देने वाले मध्य रेल के 12 कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव द्वारा संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. प्रत्येक पुरस्कार में पदक, प्रशंसा पत्र और नकद राशि प्रदान की गई्. इसके अतिरिक्त कर्जत-लोनावला घाट में भूस्खलन के दौरान बेहतर कार्य के लिए मुंबई मंडल के 11 कर्मचारियों को विशेष संरक्षा पुरस्कार भी दिए गए्. विभिन्न मंडलों से पुरस्कृत कर्मचारियों के नाम और सराहनीय कार्य: मुंबई मंडल: बदलापुर के उप स्टेशन प्रबंधक रत्नेश कुमार ने मालगाड़ी में महॉट एक्सलफ देखकर दुर्घटना टाली. वहीं, लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) के फिटर स्वप्नील बंसिलाल गजभिए ने ट्रेन के कोच में समय रहते नकल पिन की दरार पकड़कर संभावित हादसा रोका. पुणे मंडल : महिला आरपीएफ मुख्य आरक्षक प्रीति अजय श्रीनिवास ने पुणे स्टेशन पर प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया. सिग्नल सहायक आशीष सुग्रीव वाघचौरे ने चलती ट्रेन से गिरे यात्री की जान बचाई्. वरिष्ठ तकनीशियन अमजद नसीर पठान ने लोको का टूटा प्राथमिक सस्पेंशन स्प्रिंग देखकर रेल परिचालन सुरक्षित किया. भुसावल मंडल: यातायात निरीक्षक अरविंद कुमार साहा ने रेलवे ट्रैक पर गिरी पेड़ की शाखाएं हटाकर और खतरनाक झुके लोहे के खंभे की सूचना देकर मार्ग सुगम बनाया. सहायक लोको पायलट कमलेश कुमार ने मालगाड़ी रोककर रेल फ्रैक्चर से बचाया. तकनीशियन राजेश रमेश पाटील ने ट्रेन के ब्रेक वैन में लगी आग पर तुरंत काबू पाया. नागपुर मंडल: वरिष्ठ मालगाड़ी ट्रेन प्रबंधक रविकुमार राजेंद्र प्रसाद ने टूटी साइड बेयरर यूनिट की पहचान की. इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर बिच्या रामजी अजमेरा की सतर्कता से रेल फ्रैक्चर के कारण दरभंगा- मैसूर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बची. पॉइंट्समैन विशाल मांडवकर ने मालगाड़ी के फ्लैट टायर की समय रहते आवाज सुनकर अधिकारियों को अलर्ट किया. सोलापुर मंडल: लोको पायलट दयाराम पाल ने ट्रैक पर बकलिंग देखकर ट्रेन रोकी और अप्रिय घटना टाली. इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी और प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.