दूध की जगह वनस्पति से बना पनीर एमपी में बैन

सीएम ने जारी किया आदेश; महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ पहले लगा चुके प्रतिबंध

    13-Aug-2026
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paneer
भाेपाल, 12 अगस्त (वि.प्र.)
महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालाॅग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. बुधवार काे मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव ने गुजरात रवाना हाेने से पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियाें की बैठक में इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर राेक लगाने के आदेश दिए. बता दें कि एनालाॅग पनीर काे असली दूध से बने पनीर के विकल्प के ताैर पर तैयार किया जाता है.
 
इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी कम कीमत के कारण बाजार में इसकी खपत तेजी से बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश में एनालाॅग पनीर पर हम प्रतिबंध लगा रहे हैं. जैसा अन्य राज्याें ने लगाया है. हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन काे बढ़ाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे. मध्य प्रदेश में एनालाॅग पनीर की राेजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल हाेने का अनुमान है. इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालाॅग पनीर खपने की बात सामने आई है. बड़ी मात्रा में इसकी बिक्री काे देखते हुए सरकार ने अब इस पर सख्ती का निर्णय लिया है. एनालाॅग पनीर की बिक्री काे लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयाेग ने भी नाराजगी जताई है. आयाेग ने इस मामले काे गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्याें काे पत्र लिखने का फैसला किया है.