नई दिल्ली, 12 अगस्त (वि.प्र.)
सुप्रीम काेर्ट ने गत दिवस 19 राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें काे निर्देश दिया कि वे कैंसर काे अधिसूचित राेग घाेषित करें, ताकि राेगियाें की शीघ्र पहचान हाे सके और मरीजाें काे उचित इलाज व देखभाल मिल सके.
केंद्र की ओर से शीर्ष अदालत काे बताया गया कि 36 राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें में से 17 ने संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशाें के आधार पर कैंसर काे अधिसूचित बीमारी घाेषित कर दिया है.
इसके बाद काेर्ट ने यह निर्देश जारी किया. पिछले साल 12 दिसंबर काे अदालत ने डाॅ. अनुराग श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्याें काे नाेटिस जारी कर जवाब मांगा था. याचिका में पूरे देश में कैंसर काे अधिसूचित बीमारी घाेषित करने का अनुराेध किया गया था. अधिसूचित बीमारियाें में वह राेग शामिल हाेते हैं जिसका काेई भी मामला सामने आने पर डाॅक्टराें और अस्पतालाें के लिए सरकारी स्वास्थ्य विभाग काे इसकी सूचना देना कानूनन अनिवार्य हाेता है. मंगलवार काे प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जाेयमाल्या बागची और वी. माेहना की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह सभी राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें के लिए कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देश क्याें नहीं जारी कर रही. पीठ ने कहा कि सभी के लिए एक समान नीति हाेनी चाहिए.
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त साॅलिसिटर जनरल अनिल काैशिक ने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और 17 राज्याें व केंद्र शासित प्रदेशाें ने इस बीमारी काे अधिसूचित कर दिया है. सीजेआई ने बाकी बचे राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें काे निर्देश दिया कि वे सिफारिशाें पर विचार करें और उचित निर्णय लें्.
साथ ही इस संबंध में हलफनामा भी दाखिल करें.