शिवाजीनगर, 13 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
छात्रों को बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी मेहनत व कौशल के बल पर उन्हें पूरा करने का प्रयास करना चाहिए. एक छात्र की सफलता अन्य हजारों छात्रों के लिए प्रेरणादायक बन सकती है, यह विचार वरिष्ठ अभिनेता और बीएमसीसी के पूर्व छात्र मोहन जोशी ने व्यक्त किए. वे छात्रों के लिए आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे. स्व. रघुवीर गोयल की स्मृति में ‘द पूना मर्चेंट्स चेंबर’ की ओर से बृहन्महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स (BMCC) के छात्रों को यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है. इस कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को प्रत्येकी 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर छात्रवृत्ति प्रदान की गई. साथ ही प्रो. राजेश पी. कुचेकर और प्रो. विनया हसमनीस का विशेष सम्मान किया गया. दी पूना मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया ने बताया कि पढ़ाई के साथसाथ व्यवसाय करने वाले विद्यार्थियों को पिछले चार वर्षों से यह छात्रवृत्ति दी जा रही है. शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का साहस दिखाने वाले इन पुरस्कार विजेता विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की उपलब्धियों से प्रेरणा लें और अपने जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प करें, यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है. बीएमसीसी पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष अरुण निम्हण ने इस अवसर पर बीएमसीसी के टाटा सभागार के नवीनीकरण के लिए 25 लाख रुपये के दान की घोषणा की. सुरेश केकाणे ने 5 लाख रुपये, जबकि विद्याधर अनास्कर व अशोक पलांडे ने 2-2 लाख रुपये के दान की घोषणा की. कार्यक्रम में चेंबर के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार नहार, प्रवीण चोरबेले, बीएमसीसी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संजय कांदलगांवकर, ग्राहक पेठ के कार्यकारी निदेशक सूर्यकांत पाठक, सुहास धारणे, चेंबर के कार्यकारी सदस्य दिनेश मेहता, शाम लड्ढ ा, संदीप शाह, प्रकाश नहार, शिवकुमार गोयल, मीना गोयल, संकेत खिवंसरा, प्रणव गुगले सहित बड़ी संख्या में छात्र, उनके अभिभावक और कॉलेज के शिक्षकगण उपस्थित थे. ईश्वर नहार ने स्वागत वक्तव्य दिया. कार्यक्रम का संचालन ओम वेर्लेकर ने और विदुषी तिवारी ने आभार व्यक्त किया.
सकारात्मक करने की प्रेरणा वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता विट्ठल मणियार ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यार्थी अपने सपने पूरे करने के लिए पुणे आते हैं. इन सपनों को पूरा करने के दौरान होने वाले संघर्ष का अनुभव मैंने और इसी महाविद्यालय के पूर्व छात्र शरद पवार ने भी किया है. इसलिए, हमें विद्यार्थियों की समस्याओं और कठिनाइयों की भली-भांति जानकारी है, और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कुछ रचनात्मक व सकारात्मक करने की प्रेरणा हमें हमेशा मिलती रहती है.