‌‘केयर फॉर यू फाउंडेशन’ के अनाथ बच्चों ने किया इसरो का शैक्षणिक दौरा

    14-Aug-2026
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 पुणे, 13 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

पुणे का केयर फॉर यू फाउंडेशन अनाथ बच्चों को लिये अपनी सेवाएं प्रदान करता है. 10 अगस्त को फाउंडेशन की ओर से महाराष्ट्र के अलग-अलग अनाथालय से साइंस पढ़ने वाले कक्षा 6ठीं से 11वीं तक के कुल 43 लड़के-लड़कियां तथा 30 वालंटियरों (स्वयंसेवक) को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), श्रीहरिकोटा का शैक्षणिक दौरा कराया गया. इस दौरान बच्चों को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, वैज्ञानिकों की कार्यप्रणाली और अंतरिक्ष अभियानों की तैयारियों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अवसर पर केयर फॉर यू फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार एवं महाराष्ट्र राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं विशेष इकाइयां) कृष्णा प्रकाश (IPS) की विशेष उपस्थिति रही. उनके साथ फाउंडेशन की संस्थापक सीए पायल सारडा राठी और रोशन राठी, टीम सदस्य निपुर बजाज एवं प्रेम लोनारे तथा वालंटियर राकेश बजाज, स्वरा वसाणी, श्रेया भापकर, निखिल बिहानी, अपूर्व आचार्य और निवेदिता सुगंधी सहित अन्य लोग मौजूद रहे. यात्रा के दौरान बच्चों ने इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों से बातचीत की तथा भारत के अंतरिक्ष अभियानों के पीछे होने वाली मेहनत, तकनीकी सटीकता और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की जानकारी हासिल की. यात्रा का प्रमुख आकर्षण इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन के साथ ऑनलाइन संवाद रहा. उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर बच्चों से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए. बच्चों को श्रीहरिकोटा स्थित प्रथम एवं द्वितीय लॉन्चिंग पैड और वीआईपी बैठने की सुविधा वाले कंट्रोल रूम का भी दौरा कराया गया. इससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि भारत के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों को किस प्रकार संचालित किया जाता है. फाउंडेशन की टीम ने इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों एस. मुथुचेझियन, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं निदेशक, SDSC SH R; पी. गोपी कृष्णा, उप निदेशक, MS , SDSC SH R और वी. भास्करन, ग्रुप हेड, PMTCG, MS , SDSC SH R से भी मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया. वैज्ञानिक मिस्टर शुक्ला ने बच्चों को हिंदी में अंतरिक्ष कार्यक्रम से संबंधित जानकारी दी. फाउंडेशन के अनुसार, यह दौरा बच्चों के लिए केवल शैक्षणिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रेरणादायक अनुभव रहा. इस यात्रा ने बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ उन्हें बड़े सपने देखने और ज्ञान, समर्पण एवं दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया.