पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल के जाने से एक महान युग का अंत

पिंपरी स्थित डॉ.डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी में आयोजित शोकसभा में मान्यवरों द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    14-Aug-2026
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पिंपरी, 13 अगस्त (आ.प्र.)

डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी (मानित यूनिवर्सिटी), पिंपरी में बुधवार (12 अगस्त) को शाम पूर्व राज्यपाल एवं डॉ. डी. वाई. पाटिल शिक्षण समूह के संस्थापक पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल (ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल) की शोकसभा का आयोजन किया गया था. इस समय विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर पाटिल परिवार को सांत्वना दी और दिव्य आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. ‌‘ज्ञानसूर्य‌’पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन से शिक्षा जगत में गहरा शोक फैल गया है और एक महान युग का अंत हो गया है. ज्ञान, संस्कार, दूरदृष्टि और मानवता की अखंड ज्योति प्रज्वलित रखने वाले महान शिक्षाविद्‌‍ के रूप में दादा जाने जाते थे. 90 वर्ष की आयु में उनके निधन से शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र को कभी न पूरी होने वाली क्षति हुई है. पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल ने न केवल शैक्षणिक संस्थानों का नेटवर्क खड़ा किया, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों को आकार दिया, नैतिक मूल्यों को सहेजा और शिक्षा को सही अर्थों में समाज परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया. उनका दूरदर्शी नेतृत्व, सादगी, मानवतावादी दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली कई पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेगी. पाटिल परिवार द्वारा सांत्वना भेंट स्वीकार शोकसभा में डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. पी. डी. पाटिल, डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी की प्र-कुलाधिपति व ज्ञान प्रसाद ग्लोबल यूनिवर्सिटी की कुलाधिपति एवं अध्यक्षा डॉ. भाग्यश्री पी. पाटिल, डी. वाई. पाटिल एजुकेशन सोसायटी, कोल्हापुर के कुलाधिपति एवं अध्यक्ष डॉ. संजय डी. पाटिल, डी. वाई. पाटिल एजुकेशन सोसायटी के उपाध्यक्ष एवं विधायक सतेज डी. पाटिल, ज्ञान प्रसाद ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्र-कुलाधिपति एवं डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिटेक सोसायटी के सचिव डॉ. सोमनाथ पी. पाटिल, डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी की प्र-कुलपति एवं डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी सोसायटी की सचिव डॉ. स्मिता जाधव, डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी सोसायटी, पुणे के ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष डॉ. यशराज पी. पाटिल सहित पाटिल परिवार के सदस्यों ने उपस्थित लोगों की सांत्वना भेंट स्वीकार की. इस शोकसभा में शैक्षणिक, औद्योगिक, राजनीतिक, साहित्यिक, सामाजिक, खेल, कृषि, आध्यात्मिक, शासकीय एवं चिकित्सा क्षेत्रों के असंख्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. साथ ही शिक्षा समूह के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. इस दौरान पूरा यूनिवर्सिटी का ऑडिटोरियम शोकाकुल माहौल में डूब गया था. उपस्थित लोगों ने उनकी की यादों को ताजा करते हुए उनकी पवित्र स्मृति को अत्यंत विनम्रता से नमन किया. उपस्थितों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया. इसके बाद पवित्र गीता पाठ, प्रार्थना और उनके जीवन यात्रा पर आधारित एक भावुक लघु फिल्म दिखाई जा रही थी, तब ऑडिटोरियम का माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया; उपस्थित लोगों का दिल भर आया और आंखें नम हो गईं.  
 
उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

डॉ.डी.वाई. पाटिल केवल एक शैक्षणिक समूह के संस्थापक नहीं थे, बल्कि हम सभी के मजबूत आधारस्तंभ और मार्गदर्शक थे. ‌‘शिक्षा से समाज विकास‌’ का उनके द्वारा दिया गया मंत्र और उनके द्वारा सहेजे गए मूल्य ही हमारी असली पूंजी हैं. उनके द्वारा निर्मित ज्ञान के इस बरगद के पेड़ को इसी तरह पल्लवित रखना और उनके दिखाए रास्ते पर निष्ठा से चलना ही उन्हें दी जाने वाली सच्ची और भावपूर्ण श्रद्धांजलि होगी. - डॉ. पी. डी. पाटिल (कुलाधिपति, डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे)  
 
अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की गंगा पहुंचाने का उनका लक्ष्य

पद्मश्री डॉ.डी.वाई. पाटिल का संपूर्ण जीवन मानवता, वात्सल्य और निरंतर सेवा का प्रतीक था. समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की गंगा पहुंचे, यही उनका प्रयास रहता था. उनकी वही दूरदृष्टि, सादगी और अपनत्व आज भी हम सभी के दिलों में जीवित है. उनके विचार और उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा. - डॉ. भाग्यश्री पी. पाटिल, प्र-कुलाधिपति (डॉ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी एवं अध्यक्षा, ज्ञान प्रसाद ग्लोबल यूनिवर्सिटी)