मुंबई, 18 अगस्त (वि.प्र.)
चीफ जस्टिस सूर्यकांत काे चीफ गेस्ट बनाने का विराेध लगातार जारी है.
हैदराबाद, बैंंगलुरु के बाद मुंबई के ‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ साेशल साइंसेज’ द्वारा भी विराेध किया गया है. यहां पर टाटा मेमाेरियल हाॅस्पिटल के डायरे्नटर चीफ गेस्ट हाेंगे. पहले सीजेआई सूर्यकांत काे मुख्य अतिथि बनाया गया था और उन्हें दीक्षांत समाराेह में भाषण देना था. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब हैदराबाद की एनएलएसआर यूनिवर्सिटी में 450 से ज्यादा छात्राें ने सीजेआई सूर्यकांत काे दीक्षांत समाराेह का मुख्य अतिथि बनाए जाने का विराेध किया था. इसके बाद काउंसिल ऑफ इंडिया ने लाॅ यूनि
मामला सुप्रीम काेर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद बीसीआई ने अपना आदेश वापस ले लिया था. एनएलएसआर का दीक्षांत समाराेह पहले 2 अगस्त काे हाेना था.
हालांकि, इंस्टीट्यूट ने आयाेजन से सिर्फ दाे दिन पहले ‘अप्रत्याशित परिस्थितियाें’ का हवाला देकर टाल दिया था. संस्थान ने कहा था कि उस समय समाराेह के लिए अनुकूल माहाैल नहीं था. मामला सुप्रीम काेर्ट पहुंचने पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि बीसीआई काे मामले में दखल देने की जरूरत नहीं है.
सीजेआई ने कहा कि अगर छात्राें के पास विराेध का काेई कारण है ताे उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है. काेर्ट ने बीसीआई से जवाब मांगा.
साथ ही छात्राें और फैकल्टी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने काे कहा.
इसके बाद इउख ने विवादित सर्कुलर वापस ले लिया.वर्सिटी के पूरे बैच के छात्राें काे वकील के ताैर पर एनराेल करने से राेकने का निर्देश दिया था.