पुणे, 18 अगस्त (आ.प्र.) भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने सहकारिता क्षेत्र की अहम भूमिका है. अब युवाओं को बदलाव लाने वाले कैटलिस्ट बनने और कुशल, पारदर्शी, टेक्नोलॉजी वाले और मेंबर-सेंट्रिक कोऑपरेटिव संस्थान बनाने में योगदान देना चाहिए, यह विचार गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी ने व्यक्त किए. वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारिता प्रबंध संस्थान का पदवीदान समारोह (17 अगस्त) को संपन्न हुआ. 32वें बैच के ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स ने पीजीडीएम-एबीएम कोर्स को पूरा किया. गवर्निंग और एकेडमिक बॉडीज के मेंबर, फैकल्टी मेंबर, ग्रेजुएट स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए. वैम्निकॉम के डायरेक्टर डॉ. सुवाकांता मोहंती ने एकेडमिक, प्रोफेशनल और इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटीज पर रोशनी डाली. कोऑपरेटिव डेवलपमेंट, रूरल बैंकिंग, फिशरीज, स्किलिंग, सप्लाई चेन, कोऑपरेटिव डेवलपमेंट में भारत और विदेश के इंस्टीट्यूशन के साथ इंस्टीट्यूट के कोलेबोरेशन के बारे में बताया.