चुनावों से काले धन को खत्म करना चुनाव आयोग की विशेष जिम्मेदारी : सुप्रीम कोर्ट

    19-Aug-2026
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नई दिल्ली, 18 अगस्त (वि.प्र.)
सुप्रीम काेर्ट ने अपने एक फैसले के जरिए चुनावाें के दाैरान बिना हिसाब- किताब वाले कैश के इस्तेमाल पर राेक लगाने काे लेकर निर्देश जारी किए.
अदालत का कहना है कि चुनावाें में काला धन लाेकतंत्र काे भ्रष्ट करता है.
 
चुनाव के दाैरान काले धन और अन्य प्रलाेभनाें के इस्तेमाल पर सख्ती की है.
काेर्ट ने चुनावी अपराधाें की जांच एक साल के अंदर पूरी करने का निर्देश दिया.
साथ ही, हाईकाेर्ट से यह भी कहा कि वे इस तरह के मामलाें के जल्द निपटारे के लिए स्पेशल काेर्ट बनाएं और उम्मीदवाराें के खिलाफ केस वापस लेने से पहले उनकी मंजूरी अनिवार्य कर दी.
 
जस्टिस संजय कराेल और एन काेटिश्वर सिंह की बेंच ने उन अधिकारियाें काे भी निर्देश दिया, जिन्हाेंने चुनावी अपराध से जुड़े हाेने का शक हाेने पर कैश या दूसरी संपत्ति जब्त की है. वे जब्ती की रिपाेर्ट 24 घंटे के अंदर अधिकार क्षेत्र के तहत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या सक्षम काेर्ट काे दें. साथ ही, वे इस बारे में अपराध के साथ जुड़े हाेने के संबंध में लिखित में कारण भी बताएं.
 
काेर्ट ने ये निर्देश 2015 के कर्नाटक हाई काेर्ट के एक आदेश से जुड़ी अपील पर फैसला करते हुए दिए. इस आदेश में बेल्लारी से 2014 के लाेकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार प्रतीक परसरामपुरिया के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी गई थी.
एफआईआर एक रेड के बाद दर्ज कराई गई थी, जिसमें 20.48 लाख रुपये कैश, एक लैपटाॅप, चेक बुक, कुछ चेक के पन्ने निकले हुए एक पेन ड्राइव ज़ब्त किए गए थे. उन पर आराेप था कि यह पैसा वाेटराें काे रिश्वत के रूप में देने के लिए आया था.