पिंपरी, 1 अगस्त (आ.प्र.)
आर्थिक तंगी से परेशानी हाेकर एक ही परिवार के तीन लाेगाें ने विषैली दवा का धुआं सूंघकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. इसमें पति की माैत हाे गई, जबकि पत्नी और बेटी की हालत बेहद चिंताजनक है. उन दाेनाें का वाईसीएम अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है.
विषैली दवा का धुआं लेने वालाें के नाम विनाेद पिल्लई (उम्र-50 वर्ष), सिल्जा पिल्लई (उम्र-45 वर्ष) और पूर्णिमा पिल्लई (उम्र-19 वर्ष, सभी निवासी मूल रूप से केरल के रहने वाले, फिलहाल करिश्मा ग्लाेरी साेसायटी, /5, कमरा नं. 201, अजमेरा, पिंपरी) हैं.
इनमें से विनाेद पिल्लई की माैके पर ही माैत हाे गई, जबकि सिरजा और पूर्णिमा का इलाज जारी है. इस घटना के बारे में संत तुकारामनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुहास आव्हाड़ द्वारा जानकारी दी गई.
पुलिस ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया, ताे उन्हें एक सुसाइड नाेट, विषैली दवा की बाेतल और एक तसले में जला हुआ काेयला मिला.
2.30 बजे तक बेटी साेशल मीडिया पर सक्रिय थी ः शुक्रवार काे पिल्लई परिवार देर रात तक जगा हुआ था.
रिश्तेदार के उनके घर पहुंचने पर उजागर हुई घटना सिल्जा पिल्लई माेरवाड़ी के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में काॅर्डिनेटर के रूप में काम करती हैं. जब वह काम पर नहीं आईं, ताे उनके स्कूल के सहयाेगियाें ने उन्हें फाेन किया. लेकिन उन्हाेंने फाेन नहीं उठाया. इसलिए सहयाेगियाें ने उनके रिश्तेदाराें काे फाेन किया. रिश्तेदाराें के फाेन करने पर भी जब काॅल नहीं उठाया गया, ताे पास में ही रहने वाले रिश्तेदार उनके घर पहुंचे.
घर का दरवाजा केवल भिड़ाया हुआ था. दरवाजा खाेलते ही वे तीनाें बेहाेशी की हालत में दिखाई दिए. यह बात साेसायटी के लाेगाें काे पता चलते ही उन्हाेंने पुलिस काे सूचना दी. पुलिस ने तीनाें काे तुरंत वाईसीएम अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज से पहले ही विनाेद की माैत हाे चुकी थी.
2.30 बजे तक बेटी साेशल मीडिया पर सक्रिय थी ः शुक्रवार काे पिल्लई परिवार देर रात तक जगा हुआ था.
देर रात 2.30 बजे बेटी साेशल मीडिया पर सक्रिय थी. उसके बाद काेयला जलाकर उस पर विषैली दवा डालकर धुआं किया गया. वह धुआं सांस के जरिए शरीर में जाने के बाद वे बेहाेश हाे गए.
पूरा परिवार था उच्च शिक्षित मृतक विनाेद ने आईआईएम अहमदाबाद से कंप्यूटर साइंस (एमसीए) में मास्टर्स किया था. बेटी पूर्णिमा भी चिंचवड़ के एएसएम काॅलेज से कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी.
मां सिल्जा माेरवाड़ी के एक नामी स्कूल में काॅर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थीं.