पुणे, 19 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पूना गेस्ट हाउस स्नेह मंच की ओर से ‘घराना अनाम फिल्मी गीतों पर एक नई नजर’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अनूठे कार्यक्रम में लोकप्रिय फिल्मी गीतों को केवल मनोरंजन के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपे सांस्कृतिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक और दार्शनिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम की संकल्पना, लेखन और प्रस्तुति डॉ. सुनील देवधर ने की. वहीं कार्यक्रम का निर्माण और एंकरिंग रत्ना दहिवेलकर ने किया. गायक हेमंत खांगदे और मनाली राजे ने लोकप्रिय फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को संगीतमय बनाया. अनुभवी लेखक और कवि डॉ. सुनील देवधर ने हिंदी सिनेमा के कुछ प्रतिष्ठित गीतों पर सार्थक टिप्पणी करते हुए उनके अर्थ, भाव और सामाजिक संदर्भों को दर्शकों के सामने रखा. दर्शकों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने गीतों की खूबसूरती और उनमें छिपे विभिन्न भावों को नए दृष्टिकोण से सामने रखा. आयोजकों के अनुसार, पुणे में पहली बार इस तरह का अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दर्शकों को अपने पसंदीदा फिल्मी गीतों के पीछे छिपे अर्थ और भावनाओं को नए सिरे से समझने और महसूस करने का अवसर मिला. कार्यक्रम में मेरा नाम राजू, घराना अनाम, एक राधा एक मीरा, मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया और आज फिर जीने की तमन्ना है जैसे लोकप्रिय गीतों को शामिल किया गया. कार्यक्रम ने पुणे के कला एवं संगीतप्रेमी दर्शकों को गीतों के मनोरंजन से आगे बढ़कर उनके साहित्यिक और दार्शनिक पक्ष से रूबरू कराया. उपस्थित दर्शकों ने इस अनोखी प्रस्तुति का आनंद लिया और इसे यादगार अनुभव बताया.