पिंपरी, 19 अगस्त (आ.प्र.)
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनपा के क्षेत्रीय कार्यालय भवन पर लगाई गई बिजली की राेशनी की झालरें निकालते समय पैर फिसलने से एक कामगार की माैत हाे गई. मनपा के विद्युत विभाग द्वारा ही कामगाराें की सुरक्षा में अनदेखी का उल्लेख किए जाने के बावजूद, संबंधित काॅन्ट्रै्नटर के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने के बजाय केवल कारण बताओ नाेटिस जारी कर 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है.
इससे यह सवाल खड़ा हाे गया है कि कामगार की माैत के बाद भी क्या मनपा की कार्रवाई सिर्फ नाेटिस तक ही सीमित रहेगी. मनपा के विद्युत विभाग ने मेसर्स पार्वती इलेक्ट्रिकल एंटरप्राइजेज एजेंसी काे विभिन्न कार्यक्रमाें के लिए विद्युत सजावट और विद्युत व्यवस्था स्थापित करने का काम साैंपा है. स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में की गई बिजली की सजावट काे हटाने का काम भी संबंधित एजेंसी द्वारा ही किया जा रहा था.
मनपा के पत्र के अनुसार, 18 अगस्त काे दाेपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच एजेंसी का कामगार राहुल विट्ठल साबले (उम्र-43 वर्ष) भवन से बिजली की राेशनी की झालरें हटाने का काम कर रहा था. उसी दाैरान बिल्डिंग की छत से पैर फिसलने के कारण वह नीचे गिर गया.
गंभीर रूप से घायल मजदूर काे अस्पताल में भर्ती कराया गया; लेकिन डाॅक्टराें ने उसे मृत घाेषित कर दिया.
सुरक्षा उपकरण दिए बिना ही कराया जा रहा था काम इस हादसे के बाद मनपा द्वारा जारी नाेटिस में संबंधित एजेंसी के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं. मनपा के ध्यान में आया है कि कामगाराें काे आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए बिना और बिना किसी पूर्व सूचना के काम कराया गया.
पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि ऊंचाई पर काम करते समय कामगाराें की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करना काॅन्ट्रै्नटर की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें लापरवाही बरती गई.
मजदूर की जान जाने के बाद मनपा ने इस मामले काे गंभीरता से लेते हुए संबंधिताें के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय काॅन्ट्रै्नटर काे नाेटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. स्पष्टीकरण संताेषजनक न हाेने पर टेंडर की शर्ताें के अनुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.