माता-पिता बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते फैसला सुनाया

    20-Aug-2026
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नई दिल्ली, 19 अगस्त (वि.प्र.)
माता-पिता बच्चाें काे संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं. यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दाैरान सुप्रीम काेर्ट ने की.
अदालत ने इलाहाबाद हाईकाेर्ट के फैसले काे रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया.
 
सुप्रीम काेर्ट ने कहा- बुजुर्गाें काे सुरक्षा व सम्मान देना बेहद जरूरी है. बढ़ती उम्र के चलते अपमान तथा उपेक्षा कतई ठीक नहीं है. बुजुर्ग परिवार व समाज के लिए जरूरी हाेता है. इसके अलावा माता-पिता काे पूरी इज्जत के साथ जीन का अधिकार है. ्नया है मामला- लखनऊ में एक घर काे लेकर विवाद ट्रिब्यूनल के पास गया था, ट्रिब्यूनल ने बुजुर्ग के पक्ष में फैसला सुनाया था.
 
इलाहाबाद हाईकाेर्ट ने फैसले काे रद्द कर दिया था. अब सुप्रीम काेर्ट ने फाइनल निर्णय सुनाते हुए बुजुर्ग माता-पिता के पक्ष में फैसला सुनाया है. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार सुप्रीम काेर्ट ने बुधवार काे कहा कि सीनियर सिटीजन्स अपने बच्चाें काे संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं. काेर्ट ने कहा कि बढ़ती उम्र का मतलब असुरक्षा या अपमान नहीं हाेना चाहिए.
 
हर व्यक्ति काे जीवनभर गरिमा के साथ जीने का अधिकार है. सुप्रीम काेर्ट ने इलाहाबाद हाईकाेर्ट के उस आदेश काे भी पलट दिया, जिसमें बेटे और बहू काे मकान से बेदखल करने के ट्रिब्यूनल काेर्ट के आदेश काे रद्द किया गया था. काेर्ट ने कहा कि बुजुर्गाें की गरिमा के लिए ट्रिब्यूनल के पास बच्चाें काे संपत्ति से निकालने का आदेश देने का अधिकार है.
 
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलाेक अराधे की बेंच ने कहा कि कानून का मकसद बुजुर्गाें की गरिमा और सुरक्षा तय करना है. सभ्य समाज का स्तर अक्सर इस बात से तय हाेता है कि वह अपने बुजुर्गाें काे कितनी गरिमा, सम्मान और सुरक्षा देता है. यह मामला लखनऊ के विकास नगर निवासी रवि कांत गुप्ता की अपील से जुड़ा था. गुप्ता ने 5 जून 2022 काे अपने बेटे काे मकान से निकालने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन दिया था. यह मकान उनकी खुद की खरीदी हुई संपत्ति थी. मामला तब सामने आया, जब गुप्ता की 81 साल की मां काे घर छाेड़कर वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर हाेना पड़ा. एसडीएम ने 15 नवंबर 2022 काे बेटे की बेदखली का आदेश दिया. जिला मजिस्ट्रेट ने 9 अगस्त 2023 काे इसे बरकरार रखते हुए बेटे और बहू काे मकान खाली करने का निर्देश दिया.