बावधन, 19 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
भारत के स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के अवसर पर सूर्यदत्त शिक्षण संस्थान की ओर से 11 वीर नारियों (शहीदों की पत्नियों) को ‘वीर नारी सम्मान’ प्रदान किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायक जीतेंद्र भुरुक और उनकी टीम ने 80 देशभक्ति गीतों का एक विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किया. इससे पूरा सूर्यदत्त परिसर देशभक्ति, गर्व और राष्ट्रीय अखंडता की भावना से सराबोर हो गया था. सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया के प्रभावशाली और प्रेरणादायी भाषण ने कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा भर दी. संस्था की उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरड़िया का भी इस आयोजन के लिए अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. इस कार्यक्रम में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए 11 वीर नारियों को ‘वीर नारी सम्मान’ से सम्मानित किया गया. उनके त्याग, साहस, धैर्य और देशभक्ति को नमन करने वाला यह समारोह वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण था.प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया और सुषमा चोरड़िया के हाथों स्मृति चिह्न, तिरंगा महावस्त्र, सम्मानपत्र और भारतीय संस्कृति का प्रतीक फेटा (पगड़ी) प्रदान करके वीर नारियों को सम्मानित किया गया. देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने वाला यह सम्मान समारोह स्वतंत्रता दिवस के उत्सव का सबसे हृदयस्पर्शी क्षण साबित हुआ. प्रसिद्ध गायक जीतेंद्र भुरुक और उन की टीम ने लगभग 80 देशभक्ति गीतों के माध्यम से भारत के 80वें स्वतंत्रता वर्ष को एक अनोखी संगीतमय मानवंदना अर्पित की. इस अवसर पर उन्हें ‘सूर्यभारत एक्सीलेंस अवॉर्ड-इन द फील्ड ऑफ म्यूजिक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन एकेडमिक डीन प्रो. डॉ. प्रतीक्षा वाबले और सूर्यदत्त नेशनल स्कूल की प्राजक्ता पाटकर द्वारा किया गया, जबकि मंच संचालन डॉ. सुनील धनगर ने किया.
त्याग और समर्पण के प्रति आभार प्रकट करने का प्रयास प्रो. डॉ. संजय बी. चोरड़िया ने कहा, आज की संस्कारित, सक्षम और राष्ट्रनिष्ठ युवा पीढ़ी के हाथों ही कल का आत्मनिर्भर, विकसित और गौरवशाली भारत बनेगा. हमारे वीर जवानों ने देश के लिए जो अपने प्राणों का बलिदान दिया है, उनके इस त्याग और समर्पण के प्रति आभार प्रकट करने का यह एक प्रयास है.
हम भावुक और अभिभूत हैं वीरपत्नी कांचन सरोदे ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि, आज तक किसी भी संस्था ने इस तरह का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है. आपके द्वारा दिए गए इस सम्मान से हम सभी वीरपत्नियां भावुक और अभिभूत हैं.