आकुर्डी, 20 अगस्त (आ.प्र.)
चाकण औद्याेगिक क्षेत्र (एमआईडीसी) और आसपास के इलाकाें में पिछले 13 वर्षाें से लंबित ‘घन कचरा’ प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. चाकण, राजगुरुनगर नगर परिषद सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायताें, यानी कुल 19 स्थानीय निकायाें के लिए पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के माध्यम से एक केंद्रीय घन कचरा प्राेसेसिंग प्राेजेक्ट स्थापित किया जाएगा. चाकण एमआईडीसी क्षेत्र के पाॅइंट नंबर-4 पर ईएसआर के पास 36.50 एकड़ जमीन इस प्राेजेक्ट के लिए तय की गई है.
राज्य सरकार के निर्देशाें के अनुसार एमआईडीसी इस प्राेजेक्ट के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी और पीएमआरडीए के माध्यम से केंद्रीय घन कचरा प्राेसेसिंग प्राेजे्नट का निर्माण किया जाएगा. बढ़ते शहरीकरण और औद्याेगिक विस्तार के कारण चाकण और खेड़ इलाकाें में कचरा प्रबंधन का मुद्दा दिन-ब-दिन गंभीर हाेता जा रहा था. इस पृष्ठभूमि में, पीएमआरडीए के आकुर्ड़ी स्थित मुख्यालय के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में 17 गांवाें के सरपंचाें, प्रशासकाें, ग्राम विकास अधिकारियाें, एमआईडीसी अधिकारियाें और नगर परिषदाें के मुख्य अधिकारियाें की माैजूदगी में एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयाेजित की गई. महानगर आयुक्त डाॅ. अभिजीत चाैधरी, जिलाधिकारी जीतेंद्र डूडी, अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजूलक्ष्मी और खेड़-आलंदी के विधायक बाबाजी काले की उपस्थिति में हुई इस बैठक में प्रस्तावित प्राेजेक्ट की कार्यप्रणाली के साथ-साथ संबंधित स्थानीय निकायाें की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई.
प्रस्तावित प्रसंस्करण केंद्र से संबंधित सभी 19 शहर और गांव 20 किमी के दायरे में हैं, जिनमें से अधिकतर स्थान 3 से 18 किमी की दूरी पर हैं. इससे कचरे का परिवहन आसान हाे जाएगा. संबंधित नगर परिषदाें और ग्राम पंचायताें काे अपने-अपने क्षेत्राें से कचरा एकत्र कर उसका 100% गीला और सूखा कचरा अलग करना हाेगा तथा उसे केंद्रीय प्राेसेसिंग प्लांट तक पहुंचाना हाेगा. अगले 30 वर्षाें की जनसंख्या वृद्धि काे ध्यान में रखते हुए इस प्राेजेक्ट की क्षमता तय की जा रही है. इसमें प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 350 ग्राम कचरा उत्पादन की दर मानकर याेजना बनाई जा रही है. कचरा प्राेसेसिंग के लिए ग्राम पंचायताें काे प्रति टन एक निश्चित टिपिंग शुल्क देना हाेगा.