गांवों के स्कूलों की हालत सुधारने सड़कों पर उतरें !

लातूर और औसा तहसीलों के स्कूलों के निरीक्षण के बाद अभिजीत दीपके का आह्वान

    21-Aug-2026
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लातूर, 20 अगस्त (वि.प्र.)
गांवाें के स्कूलाें की हालत सुधारने लाेग सड़काें पर उतरें.लातूर और औसा तहसीलाें के स्कूलाें के निरीक्षण के बाद अभिजीत दीपके द्वारा आह्वान किया गया. कहा- बच्चाें के स्कूलाें की दशा जानवराें के रहने लायक स्थानाें से भी खराब है. राज्य के शिक्षा मंत्री काे इस्तीफा देना चाहिए.
 
नेताओं के कुत्ताें काे भी हमारे बच्चाें से बेहतर सुविधा मिल रही है. नेताओं के कुत्ताें काे भी हमारे सरकारी स्कूलाें के छात्राें से बेहतर सुविधाएं मिलती हैं. यह तल्ख और चुभता हुआ बयान काॅकराेच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयाेजक अभिजीत दीपके ने दिया है. लातूर की औसा तहसील के उजनी गांव स्थित एक जिला परिषद स्कूल का जमीनी निरीक्षण करने के बाद दीपके ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं.
 
सरकारी स्कूलाें की दयनीय और खस्ताहाल स्थिति काे देखकर उन्हाेंने सीधे ताैर पर महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग कर डाली है. सीजेपी ने पिछले सप्ताह ही राज्य में ‘स्कूल ठीक कराे’ अभियान की शुरुआत की है, जिसका मकसद ग्राउंड जीराे पर जाकर शिक्षा के असल हालात काे सामने लाना है.
 
संवाददाताओं से बात करते हुए दीपके ने कहा कि कई स्कूलाें में आज भी पक्की कक्षाएं, बैठने के लिए बेंच, पीने का पानी, सुरक्षित रास्ते और साफ शाैचालयाें जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं. टीन की छताें से बारिश का पानी टपक रहा है. उन्हाेंने आराेप लगाया कि ग्रामीण इलाकाें के स्कूलाें में छात्राें के पढ़ने के हालात जानवराें से भी बदतर हाे चुके हैं.
 
शिक्षा मंत्री दादा भुसे के पद पर बने रहने के सवाल पर दीपके ने बेबाकी से कहा कि स्कूलाें की यह दुर्दशा देखने के बाद शिक्षा मंत्री काे कुर्सी पर बैठने का काेई हक नहीं है.
 
उन्हाेंने चुनाैती दी कि अगर सरकार और विधायक वाकई स्कूलाें की हालत सुधारना चाहते हैं, ताे सबसे पहले वे अपने बच्चाें काे इन्हीं सरकारी स्कूलाें में पढ़ने के लिए भेजें, ताकि उन्हें छात्राें का असल दर्द समझ आ सके.