कोंढवा, 20 अगस्त (आ.प्र.) कोंढवा खुर्द स्थित पारगे लॉन्स में बुधवार को जमीयत उलेमा पुणे की ओर से राष्ट्रीय एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नफरत को खत्म करने, अमन-शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच एकता का संदेश देना था. कार्यक्रम का आयोजन जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष कारी मोहम्मद इद्रिस अंसारी की ओर से किया गया. सम्मेलन में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित विभिन्न धर्मों के लोगों ने सहभागिता दर्ज कराई्. वक्ताओं ने समाज में आपसी सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की आवश्यकता पर जोर दिया. विविधता में एकता हमारी विरासत कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता मौलाना मुफ्ती मुहम्मद हारून नदवी, अध्यक्ष, जमीयत उलेमा जिला जलगांव, ने अपने संबोधन में कहा कि विविधता में एकता ही देश की विरासत है. सभी भेदभाव भूलकर प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए्. हिंदू-मुस्लिम एकता देश की वास्तविक ताकत है. सम्मेलन में नशामुक्ति को लेकर भी जनजागरूकता का संदेश दिया गया. युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को स्वस्थ एवं सकारात्मक दिशा में आगे ले जाने की अपील की गई्. पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद कार्यक्रम में पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इसके अलावा पुलिस उपायुक्त परिमंडल-5 राजलक्ष्मी शिवणकर, सहायक पुलिस आयुक्त वानवडी विभाग रामदास इंगवले, कांग्रेस पुणे शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप, कोंढवा क्षेत्र के नगरसेवक एडवोकेट हाजी गफूर पठाण सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में करीब 600 से 700 नागरिकों ने भाग लिया. कार्यक्रम को देखते हुए कोंढवा पुलिस स्टेशन की ओर से सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था. कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.