सिंहगढ़े, 20 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
मानसून पर्यटन, छुट्टियाें के दिनाें में हाेने वाली भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और हाल के दिनाें में किले पर हुई अनुचित घटनाओं की पृष्ठभूमि में पुणे वन विभाग ने सिंहगढ़ किले काे लेकर बेहद सख्त कदम उठाया है.
सिंहगढ़ किले की ऐतिहासिक पवित्रता बनाए रखने और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए किले की ‘कैरिंग कैपेसिटी’ (निर्धारित प्रवेश क्षमता) के अनुसार पर्यटकाें काे प्रवेश दिया जाएगा. किले पर पर्यटकाें की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक हाेने पर बाकी पर्यटकाें काे अस्थायी रूप से प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
इसके अलावा, भविष्य में किले पर जाने से पहले माेबाइल एप के जरिए पूर्व पंजीकरण करना अनिवार्य किया जा रहा है. इन नए नियमाें में सहयाेग नहीं करने वाले पर्यटकाें के खिलाफ सीधे कानूनी मामला दर्ज किया जाएगा, ऐसी स्पष्ट चेतावनी उपवनसंरक्षक, पुणे वन विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है.
किले की निर्धारित सुरक्षित क्षमता के अनुसार ही पर्यटकाें काे प्रवेश दिया जाएगा. नए पर्यटकाें काे किले के तलहटी क्षेत्र/प्रवेश द्वार पर अस्थायी रूप से राेका जाएगा. उउढत कैमरे और अख (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) डिजिटल माॅनिटरिंग प्रणाली लगाने का काम अंतिम चरण में है और पार्किंग, किले के दर्शनीय स्थलाें तथा भीड़ की रियल-टाइम जानकारी देने वाला एप जल्द ही लाॅन्च किया जाएगा. वन विभाग और पुलिस के साथ सहयाेग नहीं करने वालाें के खिलाफ सीधे मामले दर्ज किए जाएंगे.
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सिंहगढ़ किले पर लगातार भीड़ रहने वाले स्थानाें पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं. फिलहाल किले पर आने वाले पर्यटकाें और वाहनाें की संख्या निर्धारित करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकाेण से ‘कैरिंग कैपेसिटी’ (धारण क्षमता) तय की जा रही है. यह व्यवस्था पूरी तरह विकसित हाेने के बाद पर्यटकाें काे माेबाइल एप के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद ही किले पर प्रवेश दिया जाएगा. इस एप के माध्यम से पर्यटकाें काे घर से निकलने से पहले ही किले पर भीड़ की माैजूदा स्थिति, पार्किंग की उपलब्धता और प्रवेश संबंधी जानकारी मिल सकेगी.
किले पर आते समय पर्यटकाें के लिए नियमाें का सख्ती से पालन करना आवश्यक है. शराब पीकर किले पर आने वालाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम या गाने बजाकर अन्य पर्यटकाें काे परेशान करने पर सख्त मनाही है.
किले पर कचरा फेंकने, प्लास्टिक कचरा करने या ऐतिहासिक किलेबंदी/इमारताें काे नुकसान पहुंचाने पर प्रतिबंध है.
मानसून के दाैरान चट्टानाें के खिसकने, फिसलन भरे रास्ताें और कीचड़ के खतराें काे देखते हुए खतरनाक चट्टानाें या पाॅइंट पर जाने से बचने का आह्वान किया गया है.