‌‘अंडरवाटर डोमेन‌’ को विकास के नजरिए से देखें : जनरल मनोज पांडे

    21-Aug-2026
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पुणे, 20 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस यह संकल्पना सिर्फ सुरक्षा और देखरेख के दायरे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सागरी पर्यावरण, जलवाहतूक सुरक्षा,सागरी संसाधनों का शाश्वत उपयोग और पायाभूत सुविधाओं के विकास के नजरिए से देखना चाहिए, यह विचार भूतपूर्व लश्कर प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने व्यक्त किए. मेैरीटाइम रिसर्च सेंटर और नई दिल्ली स्थित इंडियन काउन्सिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर द्वारा आयोजित, कार्यक्रम में वे बोल रहे थे. इस मौके पर मैरीटाइम रिसर्च सेंटर के फाउंडर डॉ. (कमांडर) अर्नब दास मौजूद थे. यह कार्यक्रम सेनापति बापट रोड पर सुमंत मुलगावकर सभागार में संपन्न हुआ. जनरल पांडे ने कहा कि अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस एक शेयर्ड नॉलेज सिस्टम है जो जानकारी, टेक्नोलॉजी, संस्थानों और एक्सपर्टीज को एक साथ लाता है. यह समुद्र की सतह के नीचे हो रहे डेवलपमेंट की पूरी तस्वीर दे सकता है. हालांकि, ऐसा सिस्टम किसी एक संगठन की जिरमेदारी नहीं हो सकता. क्योंकि अंडरवाटर डोमेन डिफेंस, शिपिंग, पोर्ट, फिशरीज, पर्यावरण सुरक्षा, साइंटिफिक रिसर्च, मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी ब्लू इकोनॉमी से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि अंडरवाटर डोमेन के बारे में अयादा सटीक जानकारी से सुरक्षित शिपिंग, समुद्री संसाधनों का अयादा कुशल इस्तेमाल, जशरी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े अयादा असरदार फैसले लेने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह तरीका नॉर्थ ईस्ट इंडिया में इनलैंड वॉटरवे प्रोजेक्ट्स के लिए खास तौर पर जशरी हो सकता है.