वनवासियों को मुख्य धारा में लाने आजीवन कार्यरत रहेंगे

पद्मश्री विजेता डॉ. रामचंद्र व सुनीता गोडबोले ने सम्मान समारोह में संकल्प दोहराया

    22-Aug-2026
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कर्वेनगर, 21 अगस्त (आ.प्र.)

वनवासियों को समाज की मुख्यधारा में लाना और उन्हें सेहतमंद रखने और समाज में उनका सम्मान दिलाने के लिए आजीवन कार्यरत रहने की मंशा पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ.रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले ने व्यक्त कि. केशव माधव वेिशस्थ निधि संस्था द्वारा रविवार (16 अगस्त ) को कर्वेनगर के शैलेश सभागार में डॉ. रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. गोडबोले दंपत्ति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कर्वेनगर संघचालक उदयन पाठक ने शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, भेटवस्तु देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर केशव माधव विश्वस्त निधि संस्था के अध्यक्ष रवींद्र जावले, एयर मार्शल प्रदीप बापट (रिटायर्ड), सचिव अरविंद देशपांडे मौजूद थे. इस मौके मकरंद वेलणकर को भी चेस में पीएचडी प्राप्त करने के कारण सम्मानित किया गया. गोडबोले दंपत्ति पिछले पैंतीस सालों से छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के इलाके बस्तर में जंगल में रहने वालों की सेहत के लिए बिना किसी स्वार्थ के सेवा कर रहे हैं. प्रशांत कुलकर्णी द्वारा लिए हुए साक्षात्कार में गोडबोले दंपत्ति ने अपने कार्यों के बारे में बताया. डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने कहा, उन्हें जंगल में रहने वालों के लिए काम करने की प्रेरणा दामूअन्ना दाते, भास्करराव कलम्बी, बालासाहेब दीक्षित से मिली. आदिवासी समुदाय बहुत मेहनती, ईमानदार है, उनमें बहुत सहनशक्ति है, और वे सीधेसादे और ईमानदार हैं. मेरा सपना है कि बस्तर का एक गांव कुपोषण, मलेरिया, टीबी और एनीमिया से मुक्त हो. सुनीता गोडबोले ने कहा कि हम पिछले पैंतीस सालों से उनके लिए मेडिकल शिविर लगा रहे हैं ताकि उनकी सेहत पर अयादा ध्यान दिया जा सके. कार्यक्रम के दौरान कविता शेंडे ने संस्था के बारे में जानकारी दी गई. प्राची पाठक ने वंदे मातरम गाया. संस्था के विश्वस्त प्रकाश देशपांडे ने आभार प्रदर्शन किया.