नई दिल्ली, 21 अगस्त ( आ.प्र.)
मानसून के बड़े उतार-चढ़ाव से पूरे भारत में बारिश असमान रहा है. वहीं दूसरी ओर एमपी-यूपी की 7 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. भारी बारिश व भुस्खलन से हिमाचल में अब तक 219 लाेगाेें की माैत हाे चुकी है. राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. 16 अगस्त 2026 तक वर्षा दीर्घावधि औसत से 13% कम दर्ज की गई. जून के अंत में संचयी वर्षा की कमी 39.8% थी, जाे अब काफी घट गई है. हालांकि, यह समग्र सुधार लगातार बढ़ती अनिश्चितता काे छिपाता है, जिसमें अत्यधिक सूखे और भारी बारिश दाेनाें तरह की चरम स्थितियां देखने काे मिलीं. जून और जुलाई में मानसूनी गतिविधियां लंबे शुष्क दाैर और थाेड़े समय की भारी बारिश के बीच तेजी से बदलती रहीं.
जून में स्थिति बिखरी हुई थी और किसी भी सप्ताह देश के केवल लगभग 20% हिस्से में सामान्य बारिश हुई. जुलाई में कुछ सुधार दिखाई दिया. लेकिन यह सुधार व्यापक नहीं था.
जुलाई के पहले दाे सप्ताहाें में देश के केवल लगभग 20% हिस्से काे सामान्य वर्षा मिली. 15 जुलाई काे समाप्त सप्ताह में यह आंकड़ा घटकर 14% रह गया, 22 जुलाई तक बढ़कर 37% हुआ और अंतिम सप्ताह में फिर घटकर 29% रह गया.मानसून