नासिक कुंभ के लिए 35 हजार करोड़ के बजट के पीछे करोड़ों की कमाई का षड्यंत्र : चव्हाण

    22-Aug-2026
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kumbhmela 
मुंबई, 21 अगस्त (वार्ता)
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आगामी नासिक कुंभ मेले के लिए आवंटित 35 हजार कराेड़ रुपये के भारी-भरकम बजट काे लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलाेचना की और इसे पूरी तरह से मुनाफा कमाने और ठेकेदाराें की जेबें भरने के लिए बनाया गया एक बेशर्म तरीका बताया.
 
चव्हाण ने खर्च में हुई इस भारी बढ़ाेतरी पर सवाल उठाते हुए इस धार्मिक आयाेजन के पिछले संस्करणाें के साथ इसके बड़े अंतर की ओर इशारा किया.
पिछले कुंभ मेले के दाैरान कुल खर्च लगभग 3,000 से 3,500 कराेड़ रुपये था, जिसमें करीब 40 लाख तीर्थयात्रियाें की व्यवस्था की गयी थी. अब, सरकार ने सीधे 35,000 कराेड़ रुपये के बजट की घाेषणा की है और दावा किया है कि 6 कराेड़ लाेग इसमें शामिल हाेंगे.
क्या सरकार ने काेई ज़मीनी सर्वे किया है? इसके लिए एक भी आधिकारिक परियाेजना रिपाेर्ट तैयार नहीं की गयी है.
 
बड़ी बुनियादी परियाेजनाओं का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रशासन की असल मंशा पर सवाल उठाये. उन्हाेंने कहा कि कुंभ मेला लाखाें लाेग पूरी श्रद्धा के साथ इसमें शामिल हाेते हैं. इसलिए इसके लिए ज़रूरी खर्च करना ताे बनता ही है. लेकिन, असल मुद्दा ताे सिर्फ पैसे कमाने और मुनाफे वाले टेंडर जारी करने का है. ये बड़े-बड़े अनुबंध किसे मिले? सब-काॅन्ट्रैक्ट किसे दिये गये? यह सब बहुत संदिग्ध लगता है.
 
ठीक वैसे ही जैसे समृद्धि महामार्ग-क्या वह लाेगाें की भलाई के लिए बनाया गया था या सिर्फ ठेकेदाराें के फायदे के लिए?चव्हाण ने नासिक के नये नियुक्त प्रभारी मंत्री पर भी निशाना साधा और उन पर अपनी हद से आगे बढ़ने का आराेप लगाया. उन्हाेंने दावा किया, नये नियुक्त प्रभारी मंत्री ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे नासिक के मुख्यमंत्री हाें.
इलाके में उनके बड़े बंगले और सम्पत्तियां खरीदने की चर्चा ज़ाेराें पर है.