नई दिल्ली, 24 अगस्त (वि.प्र.)
केंद्रीय मंत्रियाें के घराें की मरम्मत पर एक साल में लगभग 100 कराेड़ खर्च हुए.
12 साल में रख-रखाव पर 3 गुना खर्च बढ़ा है. आरटीआई के तहत चाैंकाने वाली जानकारी मिली. लुटियंस स्थित बंगलाें पर पानी की तरह बहाया गया पैसा, यहां के ज्यादातर बंगले 80 से 100 साल पुराने हैं, 2015 में 27 कराेड़ खर्च हुए थे, 2025- 26 मेंयह आकड़ा बढ़कर 100 कराेड़ के पास पहुंचा दिल्ली के लुटियंस बंगला क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रियाें के सरकारी आवासाें के नवीनीकरण, साज-सज्जा और मरम्मत पर 2025-26 में रिकाॅर्ड लगभग 100 कराेड़ रुपये खर्च किए गए.
यह राशि 2014-15 में खर्च किए गए 27.47 कराेड़ रुपये से तीन गुना से भी अधिक है.आरटीआई के जरिए मिली जानकारी में यह बात सामने आई है. रिपाेर्ट के मुताबिक, केंद्रीय लाेक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के जरिए 2014-15 से 2025-26 के बीच इन कामाें पर सरकार ने कुल 547.68 कराेड़ रुपये खर्च किए.
सीपीडब्ल्यू ही इन सरकारी आवासाें की मरम्मत, नवीनीकरण और रखरखाव का काम संभालता है.
अधिकारियाें ने बताया कि 2025-26 में हुआ खर्च 2014 के बाद सबसे अधिक है. उन्हाेंने इसकी वजह महंगाई और मध्य दिल्ली में बड़े परिसराें में स्थित पुराने भवनाें के रखरखाव की बढ़ती लागत काे बताया.
बंगला क्षेत्र काे 1912 से 1930 के बीच नई दिल्ली काे ब्रिटिश साम्राज्य की राजधानी के रूप में विकसित किए जाने के दाैरान बनाया गया था. आजादी के बाद इन भवनाें काे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियाें के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. मंत्रियाें के अलावा इन बंगलाें में सांसद, वरिष्ठ न्यायाधीश और शीर्ष सैन्य अधिकारी समेत अन्य लाेग भी रहते हैं.