संभाजीनगर, 24 अगस्त (आ. प्र.)
काॅकराेच जनता पार्टी 5 सितंबर काे दिल्ली में विराेध मार्च निकालेगी. पार्टी का आराेप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई काे युवाओं से किए गए वादाें काे पूरा नहीं किया है. इन्हीं वादाें के भराेसे पर जंतर-मंतर का प्रदर्शन वापस लिया गया था.
मार्च इंडिया गेट से शुरू हाेकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा. इसमें उन स्टूडेंट्स के परिजन भी शामिल हाेंगे, जिन्हाेंने नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड किया था.
इससे पहले सीजेपी ने 20 जुलाई काे भी जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था. साेमवार काे सीजेपी ने अपनी वर्किंग कमेटी की वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया. पार्टी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि छात्राें पर दर्ज केस खत्म हाेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ. उन्हें हमारे धैर्य काे कमजाेरी नहीं समझना चाहिए. सीजेपी ने नीट पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी की मांगाें काे लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदाेलन शुरू किया था.
25 जुलाई काे सरकार से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्में द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना आंदाेलन खत्म किया था.
सीजेपी नेता साैरव दास और रत्ना सिंह ने कहा कि सरकार काे आंदाेलन खत्म हाेने के बाद किए गए वादे पूरे करने चाहिए. सभी एफआइआर वापस लेनी चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियाें पर कार्रवाई राेकनी चाहिए. वहीं, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सभी राज्याें के शिक्षा मंत्रियाें काे लेटर लिखा है.
उन्हाेंने कहा कि सरकारी स्कूलाें काे बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी दें. सीजेपी ने कहा कि सुप्रीम काेर्ट ने 18 अगस्त काे केंद्र से छात्राें और प्रदर्शनकारियाें के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की लिस्ट मांगी थी. पार्टी का दावा है कि काेर्ट अनुच्छेद 142 के तहत इन मामलाें काे रद्द करने पर विचार कर सकता था. सीजेपी का आराेप है कि केंद्र ने एफआईआर की सूची देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई. पार्टी ने इसे आंदाेलन खत्म कराने से पहले किए गए वादाें से पीछे हटने का संकेत बताया.