बदलते मौसम में अपने बच्चों को ऐसे संभाले

    26-Aug-2026
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health
माैसम के बदलाव का असर छाेटे बच्चाें पर जल्दी हाेता है. ऐसे में उन्हें कफ की समस्या परेशान कर सकती है.
बदलते माैसम, प्रदूषण बीमारी या अनहेल्दी लाइफस्टाइल अ्नसर सीने में कंजेशन का कारण बन सकता है. बच्चाें में भी सर्दी-जुकाम और छाती में बलगम जमना एक आम समस्या है, जाे अ्नसर बदलते माैसम या इंफे्नशन के कारण हाे जाता है.
 
बच्चाें की इम्युनिटी पाॅवर बड़ाें के मुकाबले काफी कमजाेर हाेती है. क्योंकि यह अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई हाेती है. इस कारण बदलते माैसम या हल्के इंफे्नशन काे लेकर भी ये काफी संवेदनशील हाेते हैं.
 
ऐसे में बच्चाें की छाती में बलगम जमने से राेक पाना किसी भी माता-पिता के लिए मुश्किल हाे सकता है. छाती में बलगम जमने के कारण बच्चाें काे सांस लेने में तकलीफ, बेचैनी, भूख में कमी, चिड़चिड़ापन और नींद में कमी जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं, वायरल इंफे्नशन की वजह से बच्चाें काे सर्दी-जुकाम हाे जाता है और सीने में बलगम जमा हाे जाता है. धूल के कण पालतू जानवराें के बाल आदि के कारण भी बच्चाें काे एलर्जी हाे सकती है. जाे कफ बनने की संभावना काे बढ़ा सकते है. स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखें और अगर सीने में जकड़न बनी रहती है. ताे डाॅ्नटर काे जरुर दिखाएं.
 
बच्चाें में संक्रमण की वजह से कफ हाेना आम है. स्टीम नेबुलाइजेशन ऐसी स्थिति में सबसे अच्छा उपाय है. अगर कफ के साथ बुखार भी रहता है ताे तुरंत चिकित्सक से सलाह लें.